क्या राजीव नगर आवासीय योजना में एससी खातेदार के हितों की होगी रक्षा व आवेदकों को मिलेंगे मकान?

सिरोही/राजस्थान ।

(हरीश दवे)

गत तीन दशक से राजीवनगर आवासीय योजना में घर बनाने का सपना नगर परिषद की जनता का आज तक पूरा नही हुआ।ओर अब तक कि नगर पालिका व मौजूदा नगर परिषद,समय समय पर विभिन्न कार्यकाल के बोर्ड,जन प्रतिनिधियों,पटवारी,आर आई,व राजस्व,कार्यालय की राजनीतिक सरंक्षण में विचित्र भूमिका रही जिसमे एससी आवेदक के हक छीने गए या राजीव नगर आवासीय योजना के आवेदकों के यह बात नगर के सामान्य नगर वासियो की समझ से परे है।ओर राजीव नगर आवासीय भूमि की तमाम पत्रावलियों की गहनता से जांच की जाए तो सरकारी सिस्टम की पोल उजागर होती है। नगर परिषद क्षेत्र में एससी जाति खातेदार की कृषि भूमि है, यह भूमि गैरएससी की नहीं हो सकती है। फिर भी नगरपरिषद सरकारी संस्था होकर एससी-एसटी कानून में सुराख कर इस भूमि को लेना क्या न्याय संगत है?राजस्थान काश्तकारी अधिनियम की धारा 42 ख के विपरित यह कैसे संभव हो सकता है? यह तो एससी के साथ अत्याचार होगा और इसके विधिक परीक्षण के लिये सिरोही एसडीओ ने एससी के पक्ष में राज्य सरकार के राज्यादेश का हवाला देते हुऐ जिला कलेक्टर को जरिये पत्र 15जून2022 को लिखा है।पहले भी इस एससी की भूमि को भाजपा बोर्ड ने निलाम की थी। जिसकी निलामी को रोकने और पट्टे निरस्त करने का राज्य सरकार राजस्व विभाग से दिनांक 4अप्रैल.2019 को पत्रादेश जिला कलेक्टर को लिखा था।फिर यह कैसे इस एससी एसटी के साथ कैसे अत्याचार निवारण अधिनियम- 1989 की अनदेखी की जा रही है। हालांकि सिरोही नगर परिषद ने गत माह प्रस्ताव ले कर राजीव नगर आवासीय योजना को निरस्त कर नए सिरे से आवेदकों को आवंटन का निर्णय डीएलबी के निर्देशानुसार करने का निर्णय लिया है।इस बाबत आज प्रदेश के मुख्य सचेतक व प्रभारी मंत्री महेंद्र चौधरी से पत्रकार वार्ता में पूछा गया तो उन्होंने इस प्रश्न को विधायक संयम लोढा की तरफ मोड़ा की राजीव नगर आवासीय योजना के मामले अनुसूचित जाति के कृषि भूमि खातेदार व राजीव नगर आवासीय योजना के आवेदकों के हितों की रक्षा होगी।जिस पर विधायक लोढा ने कहा कि इस मामले में सिरोही नगर के हितों की रक्षा होगी।

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