देवांशी संघवी की दीक्षा वरघोडे में मालगांव में उमड़ा जनसैलाब, 9 वर्षीय देवांशी लेगी सुरत में 18 जनवरी को दीक्षा ।

सिरोही /राजस्थान

(हरीश दवे)

संघवी भेरूतारक तीर्थ धाम के संस्थापक संघवी मोहनलाल भेरमलजी बाफना की सुपौत्री मुमुक्षु देवांशी धनेश भाई संघवी के दीक्षा पूर्व मालगांव में आज भव्य वरघोडा निकाला गया ओर पुरे गांव में लोगों ने नाचते हुऐ दीक्षार्थी का वधामणा किया दीक्षार्थी नो जयजयकार व दीक्षार्थी अमर रहे के जयकारों के साथ वरघोडा सुमतिनाथ मंदिर से रवाना होकर पुनीत बाग पहुंचा जहाँ पर दीक्षार्थी का बहुमान संघवी रोहिणी बेन दिनमलजी बाफना परिवार ने तिलक से संघवी चुन्नीलालजी हकमाजी बाफना परिवार ने माला से संघवी लीलचंदजी हुक्मीचंदजी बाफना परिवार ने श्रीफल व संघवी नेनमल चेलाजी ने शाल ओढाकर दीक्षार्थी एवं उसके दादा – दादी , माता – पिता , काका – काकी का बहुमान किया के . पी . संघवी परिवार की श्रीमती रतनबेन बाबुलालजी संघवी , सुधा बेन संघवी , हीना बेन ए संघवी एवं किशोर भाई संघवी ने मालगांव जैन संघ की ओर से रजत अभिनंदन पत्र दिक्षार्थी को भेंट किया । इस अवसर पर दीक्षार्थी के दादा मोहनलाल संघवी ने कहा कि इतनी कम उम्र में देवांशी की दीक्षा का निर्णय उसकी लायकियात व समझ के कारण लिया गया हैं । देवांशी ने दीक्षा लेने का फैसला लेकर परिवार व सम्पुर्ण मालगांव का गौरव बढ़ाया हैं । दीक्षार्थी के पिता धनेश भाई ने सम्मान समारोह में कहा कि आज के बालक – बालिकाएँ भारत के रत्न हैं ओर उनमे जो टेलेन्ट है वो बहुत गजब हैं । उन्होने कहा कि यह हमारे परिवार का पुण्य है कि उन्हे दिक्षा दिलाने का सौभाग्य मिला । दीक्षार्थी की माता श्रीमती अमीबेन ने अपने विचार रखते हुऐ कहा कि व्यक्ति कपड़ो से नही अपने विचारों से महान बनता हैं । उन्होंने कहा कि देवांशी ने 4 वर्ष की आयु मे रात्रि भोजन का त्याग कर चोविहार शुरू किया ओर 7 वर्ष की आयु में साध्वी भंगवतों के साथ पैदल विहार शुरू किया ओर शास्त्रो के बारे में अपने गुरूवर साध्वीश्री रस्मिताश्रीजी म . सा . से जानकारी लेना शुरू किया । दिक्षा में है बहुत आनंद : मुमुक्षु देवांशी दीक्षार्थी देवांशी ने अपने विचार व्यक्त करते हुऐ कहा कि लोग संयम जीवन को सांसारिक जीवन में रहते हुऐ उनका वधामणा करूलेकिन यहाँ हजारो लोगों के बीच जाना सम्भव नहीं होने से उन्होंने मालगांव जैन संघ के पंचो का अक्षत वर्षा कर वधामणा किया तो पुरे पंडाल मे लोगां ने दीक्षार्थी अमर रहो के जयकारे कर उनका अभिनंदन किया । संघवी भेरमल हुक्मीचंदजी बाफना परिवार ने सभी लोगों से देवांशी की दीक्षा पर 18 जनवरी 2023 को सुरत पधारने का निमंत्रण दिया । दीक्षार्थी आर्चाय श्री आचार्य श्री कीर्तियशसूरीजी म . सा . की निश्रा में सयम जीवन ग्रहण करेगी । मालगांव मिलन समारोह 2022 का हुआ समापन वरघोडे के साथ ही मालगांव मिलन समारोह 2022 का आज समापन हो गया । मालगांव में पहली बार तीन दिवसीय मिलन समारोह के शानदार आयोजन एवं सफलता के लिए लोगो ने ट्रस्ट मंडल व खास कर किशोर भाई संघवी को धन्यवाद दिया । उपप्रमुख प्रकाश भाई एल . संघवी ने इस सम्मेलन को एक ऐतिहासिक सम्मेलन बताते हुऐ कहा कि ऐसे सम्मेलनो से धार्मिक , सामाजिक एवं गांव के सर्वागीण विकास की एक नई सोच तैयार होती हैं । श्रदा से सब सम्भव हैं देवांशी शनिवार को दीक्षार्थी श्री पावापुरी तीर्थ- जीव मैत्रीधाम पहुंची तो वहाँ के . पी . संघवी परिवार एवं ट्रस्ट मंडल ने गाजे बाजो के साथ मुख्य द्वार पर उनका स्वागत किया । देवांशी व उसके परिजनो को बग्गी मे बिठाकर परिसर मे वरघोडा निकाला । उन्होंने भगवान पार्श्वनाथ व महावीर स्वामी जिनालय में शाम को दर्शन कर आरती उतारी । दोनो मंदिरों के बाहर उपस्थित भक्तों ने नन्नीसी दीक्षार्थी की जयजयकार कर अनुमोदना की । तीर्थ के सभागार में के . पी . संघवी परिवार के प्रमुख श्रीमती रतन बेन , श्रीमती सुधा बेन , श्रीमती हीना बेन , कति भाई , अरविंद भाई , अमरीश भाई जीमित भाई ने दीक्षार्थी व उसके परिजनो का तिलक माला व शाल ओढाकर बहुमान किया व दीक्षा के लिए शुभकामनाएँ दी । इस अवसर पर दीक्षार्थी देवांशी ने कहा कि जीवन मे श्रद्धा से सब कुछ मिलता है और सफलता के लिए भी इच्छाशक्ति मजबुत होनी चाहिए । उन्होने कहा कि वकील , डाक्टर , टीचर पर श्रदा रखने पर जीत होती है उसी प्रकार आप परमात्मा व गुरू पर श्रद्धा रखेगे तो आपका जीवन धन्य होना सुनिश्चत है । ट्रस्ट की ओर से कीर्ति भाई संघवी ने कहा कि 9 वर्ष की अल्प आयु में प्रतिभावान देवांशी संघवी के दीक्षा लेने के कारण मालगांव अब विशेष रूप से गौरान्वित होगा जो हमारे लिए गर्व की बात हैं ।

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