शिवगंज /राजस्थान ।
पशुओं के रखरखाव के लिए वैज्ञानिक तरीके अपनाएं पशुपालक : लोढ़ा
पालड़ी एम गांव के पशु चिकित्सालय में पशुपालकों को नस्ल सुधार के लिए उपलब्ध करवाए गए सिरोही नस्ल के बकरें ।
मुख्यमंत्री के सलाहकार विधायक संयम लोढ़ा ने कहा कि पशुपालक पशुओं के रखरखाव के लिए परंपरागत तरीकों को अपनाकर अधिक अर्थ उत्पादन कर सकते है। विधायक लोढ़ा गुरुवार को पालड़ी एम स्थित राजकीय पशु चिकित्सालय में कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर की ओर से जनजाति उपयोजना के तहत बकरियों के नस्ल सुधार के लिए कलदरी, उत्तरा भागली एवं बडा वेरा के चयनित २० बकरी पालकों को सिरोही नस्ल के बीजू बकरों का वितरण कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर सिरोही नस्ल की बकरियों का महत्व पर प्रकाश डाला तथा आजीविका के साधन के रूप में अपनाने के लिए जोर दिया। उन्होंने बकरियों का रखरखाव वैज्ञानिक तौर तरीके से अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि ऐसा कर पशुपालक अधिक से अधिक लाभ कमा सकते है। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से पशुपालकों के कल्याण के लिए चलाई जाने वाली योजनाओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने पिछली सरकार के समय से बंद पड़ी पशुधन बीमा योजना को प्रारंभ कर पशुपालकों को राहत प्रदान की है। विधायक लोढ़ा ने कहा कि हाल ही में राज्य सरकार ने दुर्घटना में घायल होने वाले पशुओं को उपचार के लिए अस्पताल तक पहुंचाने के लिए विभिन्न जिला मुख्यालयों पर एक पशु एम्बूलेंस की भी स्वीकृति प्रदान की है। उन्होंने कहा कि गोशालाओं को मिलने वाले अनुदान में भी सरकार ने बढ़ोतरी कर जगह जगह पर नंदी गोशालाओं को खोला जा रहा है। उन्होंने कहा कि गोशालाओं के विकास के लिए भी राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। इसके लिए सरकार की ओर से गोशालाओं में विकास के लिए १० लाख रूपए तक स्वीकृत किए जा रहे है। यदि कोई गोशाला इसके लिए प्रस्ताव बनाकर भिजवाती है तो उसके लिए १० लाख रूपए की स्वीकृति मिल सकती है। इस मौके पर ठाकुर ईश्वर सिंह देवडा ने पशुपालकों से सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक फायदा लेने के लिए सरकारी संस्थाओं से संपर्क में रहने का आह्वान किया। संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग जगदीश बरबड ने पशुपालकों के लिए विभाग की ओर से संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी तथा पशुपालन विभाग की ओर से लंपी वायरस की रोकथाम में किए गए सहयोग की प्रशंसा की। इस मौके पर विभाग की ओर से मनोहरलाल, चौथा राम, बगता राम, शंकर कुमार आदि का सम्मान किया गया। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ रामस्वरूप चौधरी, कृषि महाविद्यालय सुमेरपुर के डॉ एम पी वर्मा तथा पशु चिकित्सक पालड़ी एम डॉ आवेश खान ने भी पशुपालकों को संबोधित किया। कार्यक्रम में 70 पशुपालकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन कृषि महाविद्यालय जोधपुर के डॉ पंकज लवानिया ने किया।
