सिरोही, राजस्थान।
रिपोर्ट हरीश दवे ,
कार्तिक भील प्रकरण के धरनार्थी उठकर चले गए ।
जिला मुख्यालय के सरूपविलास परिसर रोजगार कार्यालय के सामने पिछले 8 दिन से मुआवजे ,भूखण्ड का पट्टा दिलवाने, मारपीट में शामिल अन्य 6 लोगो को गिरफ्तार करने ,मृतक कार्तिक भील के परिजनों को नोकरी देने व गिरफ्तारी में लापरवाही करने वाले पुलिसकर्मियों को हटाने की मांग को लेकर सिरोही कलेक्ट्रेट के बाहर धरने पर बैठे विभिन्न संस्थाओं के लोग आज 8 वे दिन बिना किसी समझौते के अपने आप धरने से उठ कर चले गए । इन धरनार्थियों के साथ इस अवधि में एडमिनिस्ट्रेशन के साथ वार्ताओं के अनेक दौर चले और बी टी पी के विधायक व भीम आर्मी के नेताओ ने इस मुद्दे पर एडमिनिस्ट्रेशन के साथ कई मांगे रखी व उन्हें स्वीकार करने का आग्रह किया जिस पर जिला कलक्टर डॉ भंवरलाल ने 4 मांगो के बारे में लिखित पत्र दिया फिर भी आंदोलनकारियों ने धरना उठाने व मृतक कार्तिक का दाहसंस्कार के लिए गुजरात के मेहसाणा में पोस्टमार्टम के लिए परिवार की सहमति नही दी जिस पर आज पुलिस ने कार्तिक के परिजनों को एक नोटिस थमाया ओर आग्रह किया कि वे पोस्टमार्टम के लिए सहमति देवे । यह नोटिस थमाते ही धरना देने वालो ने अपने बोरिया बिस्तर समेट कर उठकर जाने लगे ।आंदोलनकारियों ने कहा कि सिरोही एडमिनिस्ट्रेशन कोई राहत नही दिला पाया इस लिए वे अब जयपुर कुच कर रहे है और वहां राज्य सरकार के समक्ष अपनी बात रखेगे ओर भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी से मिलेंगे और आदिवासियों के साथ राज्य में हो रहे अन्याय से अवगत कराते हुए न्याय की मांग करेगे ।उधर जिला कलक्टर ने बताया कि आंदोलनकारियों की जो मांगे थी उसके लिए जाच कमेटियां गठित कर उसके कानूनन पहलुओं का अध्यन करवाने के बाद कार्यवाही करने का लिखित भरोसा दिलाने पर भी धरना नही उठाने पर उन्होंने राज्य सरकार को पूरी रिपोर्ट भेज दी है ।उलेखनीय है कि एक युवती को अगवा करने के मामले में कुछ युवकों ने कार्तिक व उसके भाई श्रवण के साथ मारपीट करने पर कार्तिक भील की इलाज के वक्त मेहसाणा में मृत्यु हो गई थी और पुलिस ने मारपीट करने वाले दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया लेकिन मृतक को मुआवजा व नोकरी की मांग को लेकर मृतक का दाहसंस्कार नही करने को लेकर 1 दिसम्बर से सिरोही में यह धरना शुरू हुआ जो आज बिना किसी समझौते के अपने आप अचानक खत्म हो गया जिस पर पुलिस व एडमिनिस्ट्रेशन ने राहत ली । 8 दिन से जिले व पड़ोसी जिलो का पुलिस बल यहां लगा हुआ था । 8 दिन तक धरना प्रदर्शन चला लेकिन लोकल बीजेपी या कांग्रेस के नेता या निर्दलीय विधायक संयम लोढा कोई भी धरना स्थल पर नही पहुचा । लोढा ने मृतक के घर जाकर उसके परिजनों से मिले और सांत्वना दी व न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया । धरने में उदयपुर सम्भाग के आदिवासी नेता व भील समाज के लोग बड़ी तादाद में दिखाई दिए।
