सिरोही/राजस्थान, (हरीश दवे)

सहस्त्र औदीच्य गोरवाल समाज का मेला धुमधाम से सम्पन्न ।

रात्रि में हुई भजन संध्या व आज हुआ होनहार बच्चो को पारितोषित वितरण ।

श्री सहस्त्र औदीच्य गोरवाल ब्राम्हण समाज (बावीसस्थान) का 60 वा वार्षिक स्नेह मिलन(मेला) आम्बेश्वर महादेव की तपोभूमि कोलरगढ़ में उड़ निवासी डॉ लक्ष्मण अम्बाशंकर दवे के यजमांनत्व व पोसालिया निवासी ’’गोरवाल भूषण’’ अजय भाई त्रिवेदी के मुख्य आतिथ्य में हर्षोल्लास से सम्पन्न हुआ ।

जिसमें 22 स्थान के गोरवाल नर नारी, युवा व गणमान्य जनों ने हिस्सा लिया तथा महाप्रसादी ग्रहण करने के बाद मेले का विसर्जन हुआ।

श्री सहस्त्र औदीच्य गोरवाल समाज बाविस्थान के सचिव रमेश भट्ट ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि बिती रात्रि आम्बेश्वर धाम में भजन संध्या में मुम्बई के प्रख्यात भजन कलाकार बाबा मण्डल के अशोक दवे एंड पार्टी द्वारा भक्ति संगीत की सुंदर प्रस्तुतियां दी गई व देर रात्रि तक गुलाबी ठंडक में भक्तो ने भक्ति संध्या का लाभ लिया तथा स्नेह मिलन सामाजिक सम्मेलन में शिवगंज शहर के 13, गोल 12, बामेरा के 24, पोसालिया के 2, गुलाबगंज के 22, हाथल के 22, जावाल के 4, सिरोही के 2, झाडोली के 8, कोजरा के 15, अरठवाड़ा के 2, वासा के 22, डोडुआ के 2, पालडी एम के 2, छात्रो को पारितोषिक देकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर सिरोही गोरवाल समाज के हरिश दवे ने आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में आम्बेश्वर धाम में 60 वर्ष की गोरवाल समाज के स्नेह मिलन की यादो को ताजा करते हुए इसके संस्थापको को आभार जताया जिन्होने समाज की एकता व एकजुटता के लिए यह मेला स्थापित किया।

गत कोरोना संकट की वजह से देश विदेश में जिस तरह आमजन का जन जीवन प्रभावित हुआ और 2 साल मेला बंद रहा और इस बार जिस प्रकार स्नेह मिलन को लेकर गोरवाल समाज व आयोजकों ने जो सक्रियता दिखाई उसी का परिणाम है कि आज सैकड़ो की तादाद में समाज के बंधु हर्षोल्लास के साथ सामाजिक समागम व स्नेह मिलन में शामिल हुए।

दवे ने बताया कि सिरोही की स्थापना के समय से गोरवाल जाति के दिवंगत महापुरूष स्वतंत्रता सैनानी स्वर्गीय गोकुल भाई भट्ट, पंडित भीमाशंकर शर्मा, वर्दीशंकर त्रिवेदी, आर्य समाजी छोटू व गणेश, बंधु नांदिया आदि दर्जनों जन जिले के विकास, शिक्षा, चिकित्सा, आजादी के आन्दोलन व संविधान निर्माण तक सहभागी रहे व राजस्थान के गांधी गोकुल भाई भट्ट के बिना स्वाधीन राजस्थान का इतिहास अधूरा है। हमें हमारे पूरखो से प्रेरणा लेकर मातृशक्ति व युवा को समाज, राज्य व राष्ट्र के विकासोत्थान में अहम भूमिका निभाने के लिए सामाजिक स्तर पर एकजुट होना पडेगा।

मंच का संचालन करते हुए बामनेरा सरपंच रमणीक त्रिवेदी ने भी समाज की एकता के लिए सब को संकल्पित किया और मेले की प्रासंगिकता पर रोशनी डालते हुए बताया कि हमारे समाज के गौरवशाली पूरखो स्वर्गीय छोगालाल शंकर लाल ओझा,गवरीसंकर गंगाराम ओझा,मंछाराम गंगाराम ओझा,मोडीराम नागौरी, खिमजी खुत, सूंदर भगवान जी इत्यादि समाज बन्धुओ ने मेले का जो बीजारोपण किया था और गोविन्दभाई ओझा व आयोजक मण्डल आज तक इस परम्परा का निर्वहन कर रहा हैं यह हम सब के लिए गौरव का विषय है।

मेले में सहस्त्र ओदिच्य गोरवाल ब्राह्मण शिवगंज, सुमेरपुर, बडगांव मण्डल की तरफ से पुस्तिका का विमोचन अध्यक्ष गोविन्द दवे, अजय त्रिवेदी व रमणीक त्रिवेदी को मनोहर जोशी, कल्पेश त्रिवेदी, जगदीश वोरा व विजय जोशी ने पुस्तक भेंट की।

समारोह के समापन अवसर पर अध्यक्ष गोविन्दभाई ओझा ने आयोजन को सफल बनाने में 22 स्थान के समाज बंधुओं के सहयोग के लिए हृदय से आभार जताया व युवाओं को आव्हान किया कि समाज की एकजुटता विरासत परम्परा व धरोहर के संरक्षण के लिए बढ चढकर हिस्सा ले।

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