सिरोही, राजस्थान/ हरीश दवे

सहस्त्र औदीच्य गोरवाल समाज का मेला आम्बेश्वर जी में 18 नवम्बर को।

17 नवम्बर को होगा लघु रुद्राभिषेक व भजन संध्या।

श्री सहस्त्र औदीच्य गोरवाल ब्राम्हण समाज (बावीसस्थान) का 60 वा वार्षिक स्नेह मिलन(मेला) आम्बेश्वर महादेव की तपोभूमि कोलरगढ़ में उड़ निवासी डॉ लक्ष्मण अम्बाशंकर दवे के यजमांनत्व व पोसालिया निवासी ’’गोरवाल भूषण’’ अजय भाई त्रिवेदी के मुख्य आतिथ्य में शुक्रवार 18 नवम्बर की आयोज्य है।                    

श्री सहस्त्र औदीच्य गोरवाल समाज बाविस्थान के प्रतिनिधि हरीश दवे ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि स्नेह मिलन से पूर्व 17 नवम्बर को प्रातः पाठात्मक लघु रुद्राभिषेक व रात्रि में भजन संध्या में मुम्बई के प्रख्यात भजन कलाकार बाबा मण्डल के अशोक दवे एंड पार्टी द्वारा भक्ति संगीत की सुंदर प्रस्तुतियां होगी। तथा स्नेह मिलन 18 नवम्बर को सामाजिक सम्मेलन में होनहार व प्रतिभावान छात्र छात्राओं को 10 से 12 बजे पारितोषिक वितरण किया जाएगा तथा समापन व प्रसाद ग्रहण 11ः30 बजे से 2ः30 बजे तक रहेगा।                    

इस आयोजन को सफल बनाने को लेकर श्री सहस्त्र औदीच्य गोरवाल ब्राम्हण समाज 22 स्थान के अध्यक्ष  गोविंद भाई ओझा उपाध्यक्ष बकुलेश भाई,सचिव रमेश भट्ट व दर्जनों स्वयंसेवक पीले चावल व पत्रक ले कर गोल, हाथळ, बमनेरा, उंड, वासा, रोहिड़ा, झाड़ोली, कोजरा, नांदिया, हाथळ, गुलाबगंज, सिरोही, पाडीव इत्यादि 22 स्थानों में निमंत्रण देने का कार्य पूरा कर चुके है व कोरोना काल की वजह से 2 साल स्थगित रहे गोरवाल समाज के आगामी मेले को लेकर गोरवाल समाज के युवा महिला व प्रबुद्ध जनो में भारी उत्साह है व मुम्बई,गुजरात व देश विदेश में रह रहे गोरवाल समाज के बन्धु 60 वे वार्षिक मेले में शिरकत करने आ रहे है।    

अध्यक्ष गोविंद भाई ओझा ने बताया कि वर्ष 1961 में भारी ग्रहण के अनिष्ट प्रभाव को रोकने में 22 स्थान के गणमान्य जनो ने महारुद्र यज्ञ का आयोजन मगसर वद 9 को 1961 वर्ष में रखा था जिसे बाद में 22 स्थान के समाज बन्धुओ ने वार्षिक मेले की तिथि में तब्दील किया जिसने यजमान स्वर्गीय छोगालाल शंकर लाल ओझा,गवरीशंकर गंगाराम ओझा,मंछाराम गंगाराम ओझा,मोडीराम नागौरी, खिमजी खुत, सूंदर भगवान जी इत्यादि समाज बन्धुओ ने मेले को सांस्कृतिक समागम  स्नेह मिलन के लिए ही रखा जिसमे राजनीतिक चर्चा का कोई स्थान नही है और यह परम्परा 60 वे गौरव शाली वर्ष में पहुच चुकी है।जिसको सफल बनाने में युवाओ व मातृशक्ति में जबरदस्त जोश है।

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