सिरोही , राजस्थान

जिला कलक्टर ने किया नवाचार ।

कुपोषित बच्चों के उपचारार्थ निचलागढ में 14 दिवसीय शिविर का शुभांरभ ।

सिरोही जिला आकांक्षी जिला होने के कारण जिला कलक्टर डाॅ भंवर लाल ने नवाचार करते हुए जिले में कुपोषण एवं एनिमिया की दर को नियंत्रित करने के लिये अति कुपोषित बच्चों के उपचारार्थ निचलागढ में 14 दिवसीय शिविर प्रारंभ किया गया है। इसी तरह के शिविर प्रत्येक ब्लाॅक में कलस्टर बनाकर आयोजित किए जायेंगे।      शिविर का उद्घाटन पिंडवाडा-आबू, के विधायक समाराम गरासिया के मुख्य आतिथ्य एवं जिला कलेक्टर डॉ. भंवरलाल एवं प्रधान लीलाराम गरासिया की अध्यक्षता में शुभारंभ हुआ।      इस अवसर पर विधायक समाराम गरासिया ने शिविर का लाभ लेने तथा अच्छे पोषण की जानकारी प्राप्त कर अच्छा पोषण करने के बारे में उपस्थित महिलाओं से अपील की। उन्होंने उपस्थित महिलाओं का आव्हान किया कि वे शिविर में दी जा रही जानकारी का लाभ लेवें एवं अपने बच्चों एवं स्वंय को कुपोषण से दूर रखें।     

  जिला कलेक्टर डॉ. भंवरलाल ने उपस्थित जनप्रतिनिधियो से सहयोग की अपील करते हुये बच्चों को दिये जाने वाले पोषक तत्वों के बारे में जानकारी दी । उन्होंने कहा कि कुपोषण का मुख्य कारण  कम उम्र में शादी करना है, इसलिए बालिकाओं का विवाह शादी होने योग्य होने पर ही करें। उन्होंने बताया कि डोर-टू-डोर सर्वे के दौरान अवगत हुआ कि इस पंचायत क्षेत्र में सर्वाधिक महिलाए एवं बच्च कुपोषण के शिकार है। उन्होंने महिलाओं को कहा कि शिविर में जो भी चिकित्सक सलाह देते है, उस पर अमल करें एवं उसी अनुरूप कार्य करें ताकि शरीर में पोषक तत्वों की वृद्धि हों। जिला कलक्टर ने कहा कि महिलाएं ज्यादा परिश्रम करती है, इसलिए आवश्यक है कि अच्छी डाईट लें। उन्होंने कहा कि आज के युग में शिक्षा अत्यन्त आवश्यक है। इसलिए वे अपने बच्चों को विद्यालय भेजे ताकि वे अच्छी शिक्षा प्राप्त करें साथ ही समय-समय पर शिक्षकों से मिलकर अपने बच्चों की जानकारी भी लेवे।       

 मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. टी. शुभमंगला ने बताया कि सिरोही जिले को आशान्वित जिला घोषित किये जाने से वन डिस्टीक वन प्रोग्राम की तर्ज पर जिला कलेक्टर महोदय के निर्देशन में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बच्चों का सर्वे निचलागढ़ में करवाया गया था। 460 बच्चों का सर्वे किया गया जिसमें 29 बच्चे अति कुपोषित तथा 27 बच्चे कुपोषित कुल 56 बच्चे चिन्हित किये गयें। उक्त शिविर 14 दिन तक चलेगा जिसमें बच्चों की माताओं को एवं बच्चो को आहार के रूप में सुपोषण दिया जायेगा साथ ही विभिन्न प्रकार की जाँच भी चिकित्सा विभाग द्वारा की जायेगी, इस प्रकार के शिविर पुरे जिले में चलाये जायेगे।   

   आबूरोड प्रधान लीलाराम गरासिया ने आन्चलिक भाषा में शिविर से होने वाले लाभों के बारे में जानकारी दी तथा इस प्रकार के शिविर का लाभ उठाने हेतु कहा । उप प्रधान ललित सिंह सांखला ने उपस्थित ग्रामीणो से कुपोषण को पहचान कर शीघ्र ही चिकित्सा जाँच हेतु कहा ताकि कुपोषण जैसी बीमारी से बचा जा सके ।       

मुख्य चिकित्सा एंव स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ राजेश कुमार ने बताया कि अति कुपोषित, कुपोषित व एनिमिक माताओं की जांच करने पर यह अवगत हुआ कि वे जागरूकता के अभाव में कुपोषण की शिकार हो रही है। उन्होंने महिलाओं से कहा कि शिविर में दी गई जानकारी के अनुरूप कार्य करें ताकि कुपोषण का शिकार नहीं हों। आईसीडीएस उप निदेशक राजेन्द्र पुरोहित ने शिविर के बारें में विस्तार से जानकारी दी।          शिविर में कुपोषित बच्चों को पोष्टिक आहार खिलाकर शिविर का उद्घाटन जिला कलेक्टर एवं जन प्रतिनिधियों द्वारा किया गया । इस अवसर पर आगंनवाडी कार्यकर्ताओं को राज्य सरकार द्वारा दिये गये मोबाईल का भी वितरण किया गया तथा प्रधान संस्था द्वारा उपलब्ध करवाये गये पोषक आहार के बीजो का भी वितरण किया गया।   

   शिविर में उपखण्ड अधिकारी आबूपर्वत राहुल जैन, विकास अधिकारी नवलाराम, रेवदर के आवडदान, शिवगंज के हेमलता विश्नोई, विकास अधिकारी सिरोही हमीरदान, निम्बाराम,  पंचायत समिति सदस्य सरमी बाई, सरपंच रेखा कुमारी समेत जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी ,जन प्रतिनिधि तथा विभिन्न गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

रिपोर्ट हरिश दवे

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