आयोग का फैसला ,
बीमा कम्पनी ने बिना ठोस कारण हैल्थ इंश्योरेन्स क्लेम खारिज कर सेवा में कमी कारित की है,
अब हर्जाने के साथ चुकाने होगें 95 हजार रूपए: जिला उपभोक्ता आयोग
सिरोही / राजस्थान ।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष मलारखान मंगलिया, सदस्य रोहित खत्री व सदस्या उज्जवल सांखला ने अप्रार्थी अपोलो मुनिक हैल्थ इंश्योरेन्स कम्पनी पर प्रार्थीया भगवती खण्डेलवाल के हैल्थ इंश्योरेन्स क्लेम को बिना किसी उचित आधार कारण के खारिज करके सेवा में कमी कारित की है। अप्रार्थी बीमा कम्पनी ने हेल्थ बीमा पॉलिसी का प्रिमीयम लेकर क्लेम खारिज करने पर प्रार्थीया के ईलाज खर्च राशि 85 हजार रूपए व मानसिक, शारिरीक, आर्थिक तथा परिवाद व्यय एकमुश्त राशि 10 हजार रूपए अदा करने का आदेश दिया।जानकारी केे अनुसार प्रार्थीया भगवती खण्डेलवाल ने कैनरा बैंक के जरिये अप्रार्थी अपोलो मुनिक हैल्थ इंश्योरेन्स कम्पनी से स्वास्थ्य बीमा करवाया। जिसकी प्रीमियम राषि भी बैंक द्वारा प्रार्थीया के बैंक खाते से कटौती कर अप्रार्थी के खाते में जमा की गई। प्रार्थीया के पेट में दर्द होने से साल हॉस्पीटल अहमदाबाद में भर्ती किया गया तथा ईलाज कर डिस्चार्ज किया गया। अप्रार्थीगण ने प्रार्थीया की स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी करते समय बताया था कि राजस्थान/गुजरात में किसी भी हॉस्पीटल में 5 लाख रूपए तक का स्वास्थ्य बीमा किया हुआ है जिसका कभी भी हॉस्पीटल में बिमारी की हालत में ईलाज संबंधी सम्पूर्ण खर्चा कैस लैस स्कीम के तहत् बीमा कम्पनी वहन करेगी, जिससे प्रार्थीया ने अपना इंष्योरेन्स करवाया था। प्रार्थीया द्वारा अपने पेट की बिमारी के ईलाज के दौरान हॉस्पीटल में 85 हजार रूपए खर्च हुए जिसका भुगतान बीमा कम्पनी द्वारा करना था परन्तु बीमा कम्पनी द्वारा नहीं करने पर प्रार्थीया को नकद भुगतान करना पडा। प्रार्थीया ने अप्रार्थीगण को बीमा मय बिल क्लेम ईलाज में खर्च राषि प्राप्ति हेतु आवेदन प्रपत्र भरकर बैंक को प्रस्तुत किया। जिस पर बैंक द्वारा आवेदन बीमा कम्पनी को भेजा गया। अप्रार्थी बीमा कम्पनी ने प्रार्थीया का बीमा क्लेम खारिज यह कह कर किया कि प्रार्थीया ने पॉलिसी लेते समय अप्रार्थीगण से पूर्व में 7 वर्ष पहले ऐठन होने की बिमारी को छुपाया और अप्रार्थीगण से हैल्थ पॉलिसी ली थी लेकिन अप्रार्थी बीमा कम्पनी ने उसके दस्तावेज आयोग के समक्ष पेश नहीं किये है।आयोग ने माना कि अप्रार्थी बीमा कम्पनी ने प्रार्थीया के हैल्थ इंश्योरेन्स पॉलिसी क्लेम को बिना किसी युक्तियुक्त कारण के खारिज करके सेवा में कमी कारित की है। प्रार्थीया बीमा पॉलिसी की शर्तों के तहत क्लेम प्राप्त करने की अधिकारी है अतः प्रार्थीया के पेट की बीमारी के ईलाज में खर्च राशि 85 हजार रूपए व साथ ही आर्थिक, शारीरिक व मानसिक संताप तथा परिवाद व्यय एकमुश्त राशि 10 हजार रूपए अदा करने का आदेश दिया। उक्त राशि 45 दिनों में अदा नही करने पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर से वसूल किये जाएगे।
रिपोर्ट हरिश दवे
