सिरोही/ राजस्थान , (हरीश दवे)
आयोग का फैसला ,अमेजन डॉट ने परिवादी का सेमसंग ए.सी वारंटी पीरियड में ठीक नही करके देने को आयोग ने सेवादोष माना।
ऑनलाइन कम्पनी अमेजन को सेमसंग ए.सी की कीमत 38 हजार 9सौ 99 रूपए अदा करने व साथ ही शारिरीक, मानसिक संताप 5 हजार रूपए व परिवाद व्यय 5 हजार रूपए अदा करने का आदेश दिया।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष मलारखान मंगलिया, सदस्य रोहित खत्री व सदस्या उज्जवल सांखला ने अप्रार्थी अमेजन डॉट ने वांरटी पिरीयड में सेमसंग ए.सी को ठीक करके या बदलकर नही देने को सेवादोष मानते हुए परिवादी ताराचंद का सेमसंग ए.सी बदलकर दिया जाए या सेमसंग ए.सी की कीमत राशि 38 हजार 9सौ 99 रूपए व मानसिक, शारिरीक, आर्थिक 5 हजार रूपये व परिवाद व्यय 5 हजार रूपए अदा करने का आदेश दिया।
जानकारी केे अनुसार परिवादी ताराचंद ने ए.सी. की आवश्यकता होने पर अप्रार्थी अमेजन डॉट से सेमसंग कम्पनी का 1.50 टन थ्री स्टार इनवर्टर स्पील्ट ए.सी. ऑनलाईन ऑडर देकर राशि 38,999 रूपये में अप्रार्थी को कीमत अदा कर मंगवाया। अप्रार्थी ने परिवादी को बताया कि ए.सी. की दो साल की वारन्टी है तथा किसी भी खराबी पर तुरन्त ठीक करना व ठीक नहीं होने पर चैन्ज कर देने का आश्वासन दिया था। परिवादी का एसी चार माह में ही कुलिंग करना बंद कर दिया जिस पर परिवादी ने अप्रार्थी को कम्पलेन बुक करवाई। परिवादी द्वारा बार बार कम्पलेन करने पर इंजीनियर परिवादी के घर आया लेकिन खराबी ठीक नहीं हो पाई। परिवादी ने अप्रार्थी को दुबारा कम्पलेन बुक करवाई जिस पर इंजीनियर ने कोई खराबी नही होना बताया। लेकिन एसी में समस्या जैसी थी वैसी ही है। अप्रार्थी को बार बार कम्पलेन करने पर पुनः इंजीनियर आया और ए.सी. को खोलकर देखा तब उन्होने पी.सी.बी. को चैन्ज करने का सुझाव दिया और कहा कि पी.सी.बी. चैन्ज करने पर ठीक हो जायेगा एवं सही तरिके से कुलिंग करेगा। इंजीनियर द्वारा पी.सी.बी. को चैन्ज कर नया पी.सी.बी. लगाया परन्तु ए.सी. की खराबी दुरस्त नहीं हुई एवं कुलिंग करना ही बन्द कर दिया। उसके बाद परिवादी का कॉल भी अप्रार्थी ने रिसिव करना बन्द कर दिया। अप्रार्थी की ओर से कोई उपस्थित नहीं होने पर एकपक्षीय कार्यवाही की गई। परिवादी की ओर से अधिवक्ता हरजीराम चौधरी ने पैरवी की।
आयोग ने माना कि अप्रार्थी ने परिवादी को उत्पाद सेमसंग ए.सी. का विक्रय करते समय जो सुविधा देने का बताया था कि वारन्टी पीरियड में किसी प्रकार की खराबी को हाथो हाथ दुरूस्त कर देगें एवं खराबी दुरूस्त नहीं होती है तो पीस टू पीस चैन्ज कर देगें लेकिन अप्रार्थी ने परिवादी के उक्त ए.सी. की खराबी को दुरूस्त नहीं किया और पीस टू पीस चैन्ज नहीं किया
जिसमें परिवादी को आर्थिक, मानसिक व शारीरिक पीडा उठानी पडी। जो सेवादोष की श्रेणी में आता है। जिस पर परिवादी को अप्रार्थी अमेजन डॉट को परिवादी का ए.सी. दोषयुक्त को जारी विज्ञापक के माफिक मानक मापदण्ड के अनुसार बदलकर दिया जावें तथा नहीं बदलने पर उक्त ए.सी. का क्रय मुल्य 38,999 रूपए व आर्थिक, शारीरिक व मानसिक संताप राशि 5 हजार रूपए तथा परिवाद व्यय 5 हजार रूपए अदा करने का आदेश दिया। उक्त राशि 45 दिनों में अदा नही करने पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर से वसूल किये जाएगे।
