सिरोही /राजस्थान ( रिपोर्ट हरिश दवे ) ,

निजी लेबोरेट्री व चिकित्सालयों में सीएमएचओ के सरंक्षण में चल रहा गोरख धन्धा ।

बिना किसी स्वीकृति के इलाज के नाम गुजरात के डॉक्टर कर रहे मनमाना इलाज ।

चर्म रोग व अन्य व्याधियो के मरीजो पर सर्वाधिक मार।

डॉक्टर बिना जिला चिकित्सा एवम स्वास्थ्य अधिकारी की परमिशन व मान्यता के मरीजो के इलाज की लगा रहे है कतार ।

सिरोही जिले में मेडिकल कॉलेज खुलने के साथ जिला मुख्यालय के राजकीय चिकित्सालय में चिकित्सकीय सुविधाओ व अत्याधुनिक उपकरणों के साथ बेहतर विकास हुआ हो, पर दशकों से निजी चिकित्सालय ,नर्सिंग होम,मेडिकल शॉप,मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के साथ सरकारी चिकित्सा तन्त्र के सरंक्षण में जहां आम मरीज को केंद्र व राज्य सरकार की निशुल्क चिकित्सा का पूरा लाभ नही मिल पाता व अनेक चिकित्सा कर्मी मरीजो को निजी चिकित्सालयों में इलाज करते है।

वही मुख्यालय की मेडिकल कि अनेक दुकानो पर गुजरात या अन्य स्थान से एक दिन की विजिट पर इलाज करने वाले डॉक्टर बिना जिला चिकित्सा एवम स्वास्थ्य अधिकारी की परमिशन व मान्यता के मरीजो के इलाज की कतार लगा रहे है।

जिसमे चर्म रोग के मरीज सर्वाधिक शिकार हो रहे है। जिले में यह स्तिथि पांचों तहसीलों में है।मरीज इन डॉक्टरों के चंगुल में महंगी दवाइयों व जांच में आर्थिक बर्बादी झेल रहे है वही जिले के चिकित्सा अधिकारियों ने उसी तरह की छूट दे रखी है जिस तरह पूर्व कोरोना काल मे सरूपगंज में एक ट्रॉमा सेंटर पकड़ में आया था।

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