सिरोही/राजस्थान ,
मरणोपरांत देहदान कर अमर हुए केसरसिंह डाबी ।
6 साल पूर्व लिया था देहदान संकल्प ।
विभिन्न प्रकार के दान कर पुन्य कमाने की श्रृखला में सिरोही में सबसे बड़े दान के रूप में देहदान कर परिजनों ने उन्हें अमर कर दिया | सिरोही के शास्त्रीनगर निवासी सेवानिवृत लाइब्रेरियन केसर सिंह डाबी पुत्र बाबु सिंह डाबी की स्वास्थ्य की खराबी के कारण म्रत्यु हो गई | जिनके पार्थ्व्य देह को उदयपुर मेडिकल कॉलेज भेज देहदान किया गया| दरसल देहादाता केसर सिंह डाबी ने 6 साल पूर्व स्वेच्छा से प्रेरित होकर लायंस क्लब सिरोही से जुड़े समाजसेवी प्रकाश प्रजापति को संपर्क कर मरणोपरांत देहदान हेतु इच्छा जाहिर की थी |

इस पर प्रजापती ने समस्त दस्तावेज तैयार करवाकर 21 जून 2016 को जिला कलेक्टर कार्यालय में तत्कालीन जिला कलेक्टर लक्ष्मीनारायण मीणा के समक्ष देह्दाता की धर्म पत्नी शिक्षिका रेखा डाबी एवं प्रजापती के साक्षी में हस्ताक्षर कर मेडिकल कॉलेज उदयपुर के विद्यार्थियों के अध्यन हेतु मरणोपरांत देहदानसंकल्प की प्रक्रिया पूर्ण की थी | सोमवार शाम अस्पताल में उपचार दौरान केसर सिंह डाबी की मृत्यु पश्चात पिता की इच्छा एवं संकल्प अनुसार उनकी पुत्रियों ड़ाल्वी एवं शाल्वी ने समाजसेवी प्रकाश प्रजापती को सूचित किया| इसपर प्रजापति ने अस्पताल पहुच शव वाहिनी से शव को निवास स्थान पहुचाया एवं संकल्प अनुसार उदयपुर मेडीकल कॉलेज के एनोटोमी डिपार्टमेंट के प्रभारी एवं डाक्टरों को सूचित कर परिवार जानो को अग्रिम कार्यवाही एवं प्रक्रिया हेतु समझाया |

तत्पशचात परिवारजनों एवं रिश्तेदारों ने अंतिम सस्कार पूर्व विधिविधान कर सगे संबंधियों की उपस्थिति में दोनों पुत्रियों एवं रिश्तेदारों द्वारा कन्धा देकर शव यात्रा निकाल कर अंतिम सस्कार स्थल से पहले पार्थव देह शरीर के साथ भाई ईश्वर सिंह डाबी ,जमाई बलवीर सिंह एवं मनीष सिंह एम्बुलेंस द्वारा रवाना होकर रात्रि को आर एन टी मेडिकल कोलेज के एनाटोमी डिपार्टमेंट पहुचाकर कर्य्रावाही कर देह्दाता केसर सिंह के शरीर को सपुर्द किया | इस दौरान भाई वीरेंदर सिंह डाबी , ईश्वर सिंह डाबी समाजसेवी प्रकाश प्रजापति ,रिश्तेदार प्रवीण सिंह चौहान , महेंद्र सिंह सिंदल , अर्जुन सिंह भाटी , वीरेन्द्र सिंह डाबी सहित रिश्तेदार एवं ईष्ट मित्र उपस्थित थे |
रिपोर्ट हरिश दवे।
