प्राचीन उपचार पद्धति आज भी प्रासंगिक : लोढ़ा

  • विधायक लोढ़ा ने पालड़ी एम में कामली वाले बाबा के शिविर का किया शुभारंभ ।
  • पुराने से पुराने लकवा रोग का देखते ही देखते होता है निदान ।

  • शिवगंज,राजस्थान / (हरीश दवे)
  • मुख्यमंत्री के सलाहकार विधायक संयम लोढ़ा ने कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति में ऋषि मुनियों की ओर से प्रदत्त उपचार पद्धाति आज भी प्रासंगिक है। यहीं वजह है कि ऐसे असाध्य रोग जिसका मेडीकल साइंस में उपचार संभव नहीं है, वह इस पद्धाति के माध्यम से संभव हो पा रहे है। जो किसी चमत्कार से कम नहीं है। विधायक लोढ़ा शुक्रवार को पालड़ी एम गांव में गुजरात के कामलीवाले बाबा के लकवा रोग मुक्ति शिविर के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित जन समुदाय को संबोधित कर रहे थे।
    विधायक लोढ़ा ने कहा कि कामली वाले बाबा के नाम से मशहूर गुजरात के वैद्य जिस प्रकार से लकवा से ग्रसित रोगियों को जिस प्रकार से उपचार के माध्यम से ठीक कर रहे है वह किसी चमत्कार से कम नहीं है। उनके इस प्रकार के शिविर से आसपास ही नहीं बल्कि दूरदराज के रोगियों को भी लाभ मिलेगा। विधायक ने कहा कि शिविर का शुभारंभ होने के बाद जिस प्रकार से कामली वाले बाबा ने लकवा रोगियों को स्वस्थ किया है वह नि:संदेह हैरत में डालने वाला है। मेडीकल साइंस भी जिस रोगी को ठीक नहीं कर सकता वह इस शिविर में स्वस्थ हो रहे है। विधायक ने कहा कि इस शिविर का अधिक से अधिक लोग फायदा उठाए ताकि लकवा से ग्रसित रोगियों को राहत मिल सके। इस मौके पर रामदेव मंदिर की संत सिद्धि महाराज जो बचपन से पोलियोग्रसित है वे भी कामली वाले बाबा से उपचार ले रही है और उनके उपचार से अभी तक उनके तीस प्रतिशत से अधिक फायदा हो चुका है। उन्होंने बताया कि उन्हें इस बात की उम्मीद है कि वे कामलीवाले बाबा के उपचार से शीघ्र ही स्वस्थ हो सकेगी। इससे पूर्व विधायक ने विधिवत रूप से शिविर का शुभारंभ किया। इस मौके पर ग्रामीणों की ओर से विधायक लोढ़ा सहित कामली वाले बाबा का साफा एवं पुष्पहार पहनाकर स्वागत किया गया। इस अवसर पर सरपंच प्रतिनिधि के रूप में प्रतापराम माली, ईश्वरसिंह देवडा, दुर्गेन्द्रसिंह देवडा सहित कई प्रबुद्धजन उपस्थित थे। गौरतलब है कि कामलीवाले बाबा के इस शिविर में उपचार के लिए दूरदराज के गांवों से लोग पहुंच रहे है। जिनको उनके उपचार से फायदा भी पहुंच रहा है।
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