गांधी पार्क में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण समारोह सम्पन्न ।

सिरोही/ (हरीश दवे) ,

मुख्यमंत्री के सलाहकार एवं क्षेत्रीय विधायक संयम लोढा ने कहा कि महात्मा गांधी का जन्मदिन देशभर में उत्सव की तरह मनाया जाता है। अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए देश को आजादी दिलाने वाले महात्मा गांधी के अहिंसा के सिद्धांतों को आज पूरी दुनिया मानती है।          वे आज नगर परिषद सिरोही की ओर से सिरोही शहर में तीन बत्ती चैराहा पर स्थित गांधी पार्क में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की आदमकद प्रतिमा के अनावरण समारोह में उपस्थित आमजन को सम्बोधित कर रहें थे। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के आदर्श सदैव प्रासंगिक रहेंगे। प्रत्येक व्यक्ति को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर अहिंसा के पथ पर चलना चाहिए, जिससे आपसी प्रेम और सौहार्द्र बना रहे।         उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के सिद्धांत और आदर्श युवा पीढ़ी तक पहुंचे, इसी उद्देश्य के साथ प्रदेश भर के गांवों और शहरों में सर्व धर्म प्रार्थना सभाओं का एक समय पर आयोजन हुआ है। उन्होंने कहा कि गांधी जीवन के हर क्षेत्र में हमारा मार्गदर्शन करते है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के अंहिसा के संदेश एवं विचारों को जीवन में आत्मसाथ करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता के द्धारा देश हित में किए गए अनेकों कार्यो की जानकारी आने वाली पीढियों को दे, जिससे कि गौरवानित महसूस करें।         उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता शब्द का प्रयोग सबसे पहले उनके लिए आजाद हिन्द फौज के संस्थापक नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने सिंगापुर में किया था और उनका दिया हुआ यह नाम पूरे देश ने स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने इग्लैण्ड से वेरिस्टर की उपाधि प्राप्त की थी।

दक्षिण अफ्रिका में प्रथम श्रेणी के रेलवे बोगी में सफर कर रहें थे, तो उन्हें समान सहित उतार दिया गया था, तब उस प्लेटफार्म से महात्मा गांधी ही नहीं उठे बल्कि पूरा भारत वर्ष उनके साथ उठा था। वे भारत आए उनके गुरू गोपाल कृष्ण गोखले से उन्होंने पूछा कि वे अब क्या करें? गोखले ने उनसे कहा कि तुम भारत को जानो, भारत को समझो और इसी आदेश की पालना में वे निकल पडे।       श्री लोढा ने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उडीसा में बापू की एक सभा में महिलाए नहीं आई इस पर उनकी पत्नी कस्तुर बा से पूछा कि महिलाए क्यों नहीं आई है। जब पता किया गया तो एक स्त्री बाहर आई, बा ने कहा कि हम तीन महिलाए है, और सभा आना तो चाहती थी मगर साडी एक ही थी। जब यह बात बापू को पता चली, उसी दिन उन्होंने प्रण किया कि जब मेरे देश की बहनों के पास पहनने के लिए पूरे वस्त्र नहीं है, तो मै भी पूरे वस्त्र धारण नहीं करूगा और वे एक आदर्श अनूपम उदाहरण सभी के लिए बन गए, कि किस तरह से लोगों से जुडा जाए। उन्होंने इस मौके पर कहा कि  जिले में सर्वागीण विकास हुआ है और किए गए विकास कार्यो की जानकारी दी।      जिला कलक्टर डाॅ भंवर लाल ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की मूर्ति स्थापित होना एक ऐतिहासिक कदम है। गांधी जी के विचारों और सिद्धांतों को अपने जीवन में उतारना चाहिए। राष्ट्रपिता का बताया गया मार्ग ही एक ऐसा मार्ग है, जिससे पूरे देश में एकता का भाव पैदा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आओ हम सब साथ चले और गांधी के विचारों को आत्मसात करें।     सभापति महेन्द्र मेवाडा ने कहा कि गांधी जीवन के हर क्षेत्र में हमारा मार्गदर्शन करते है और महात्मा गांधी के सिद्धातों को आत्मसाथ करने पर बल दिया साथ ही अंहिसा के मार्ग पर चलने की बात कहीं। उन्होंने कहा कि विधायक संयम लोढा की पे्ररणा से आज यह मूर्ति का अनावरण हो रहा है। नगर परिषद आयुक्त अनिल झिंगोनिया ने मूर्ति अनावरण के संबंध में जानकारी दी।कार्यक्रम में महात्मा गांधी विद्यालय सिरोही की बालिकाओं ने बापू का प्रिय भजन वैष्णव जन तो तेने कहिए को गाकर समां बांध दिया। कार्यक्रम में मेवाड के राज दरबारी कवि नाथुदान महियारिया की गांधी पर लिखी एक राजस्थानी कविता का वाचन भी किया गया। कार्यक्रम के अंत में गांधी पार्क में स्थापित आदमकद गांधी प्रतिमा का अनावरण अतिथियों द्धारा किया गया एवं राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन किया गया।इस अवसर पर जिला पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता, जावाल नगर पालिका अध्यक्ष कनाराम भील, हेमलता शर्मा, जितेन्द्र ऐरन, हरीश राठौड, प्रकाश प्रजापति, हिम्मत सुथार, रतन बाफना, शशिकला मरडिया, भूपेश देसाई, राजेन्द्र सांखला, रेणुलता व्यास, देशाराम, सूरज कंवर, पिंकी सिन्दल, अंजलि राव, रजनी मेघवाल, खीमसिंह परमार, मोहनसिंह, राजेन्द्र माली, जिला परिषद व पंचायत समिति के सदस्यगण, इत्यादि उपस्थित रहे।

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