सिरोही, राजस्थान
रिपोर्ट सुरेश पुरोहित।
घट स्थापना पर सजा माता का दरबार, धूमधाम से हुई स्थापना ।
जगदम्बे मण्डल के 50 वे नवरात्रि महोत्सव का हुआ भव्य आगाज, विधि विधान से हुई पूजा अर्चना के बाद माता दरबार मे दर्शनार्थ उमड़े श्रद्धालुसिरोही। जगदम्बे नवयुवक मण्डल रामझरोखा सिरोही के तत्वावधान मे 50 वां भव्य नवरात्रि महोत्सव शक्ति स्वरूपा मां जगदम्बा की विशाल प्रतिमा को विराजमान करने और घट स्थापन कर विधि विधान से पूजा अर्चना के साथ आयोजन का शुभारंभ हुआ। इस मौके पर विशेष रुप से नव कुंडी शतचंडी महायज्ञ और मंत्र जाप, अनुष्ठान आदि शुरू हुए।मंडल के आयोजन संयोजक गिरीश सगरवंशी ने बताया कि शारदीय नवरात्रा के स्थापना पर्व पर धूमधाम व गाजे बाजों के साथ आरासना अंबाजी से जोत लाकर घट स्थापना की गई। इस अवसर पर विशाल मां जगदम्बा सहित लक्ष्मी, सरस्वती, कार्तिकेय, भगवान गणेश एवं महाकाली की प्रतिमाओं को विधि विधान से पूजा अर्चना के साथ विराजमान किया गया।

उपस्थित श्रद्धालुओं एवं मंडल सदस्यों ने माता के गगनभेदी जयकारों के बीच मंदिर पर ध्वजा फहराई। नो दिनों तक चलने वाले दुर्गा सप्तशती पाठ व जाप भी शुरू हुआ। इस मौके पर धूमधाम से आरती संपन्न हुई जिसमें समाजसेवी रघुभाई माली, संस्थापक सदस्य मोहनलाल माली समेत शहर वासियों ने शिरकत की। इस अवसर पर मंडल के मुख्य संरक्षक सुरेश सगरवंशी, अध्यक्ष विजय पटेल, सहसंयोजक लोकेश खंडेलवाल, संरक्षक गांधीभाई पटेल, रणछोड़ पुरोहित, उपाध्यक्ष प्रकाश प्रजापति, राजेश गुलाबवानी, अतुल रावल, सलाहकार प्रताप प्रजापत, प्रकाश खारवाल, शैतान खरोर, दिलीप पटेल, सज्जनसिंह राजपुरोहित, हरिश खत्री, विकास प्रजापत, देवेश खत्री, अश्विन गुजराती, रुपेंद्र शर्मा, तगसिंह, परबतसिंह, महेन्द्र सूर्यवंशी,प्रकाश कुमार, मगनलाल मीणा समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।शतचंडी महायज्ञ अनुष्ठान शुरू -नवरात्र के अवसर पर रामझरोखा मैदान परिसर के समीप लालवेरा में बनाई गई विराट यज्ञशाला में आचार्य मुकेश व्यास के सानिध्य में विभिन्न संस्कारों, कर्म विधि और देवी आवाहन के साथ पूजन एवं अनुष्ठानिक कार्यक्रम शुरू हुए। प्रातः हुए पूजन में प्रधान यजमान भंवरलाल सगरवंशी ने सपत्नीक भाग लिया। इसी प्रकार मध्यान्ह शुरू हुए हवन में सुरेश सगरवंशी, जिला मजिस्ट्रेट विक्रांत कुमार, विजय त्रिवेदी, सरवन पुरोहित, वीरेंद्रसिंह भाटी, अशोक पुरोहित, आशीष सगरवंशी, सतीश हरिव्यासी ने जोड़े सहित यज्ञ में आहुतियां देकर पूजा अर्चना संपन्न की।

