सिरोही, राजस्थान/ (हरीश दवे) ।
राजकीय विधि महाविधालय में प्रवेश शुल्क आवेदन के नाम अविधिक तरीके से स्टूडेंट के साथ वसूली से विधि छात्र व्यथित,पर खामोश ।
औधोगिक विकास से वंचित सिरीही जिले में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में जिला मुख्यालय पर पीजी कॉलेज,महिला कोलेज,आईटीआई,पॉलिटेक्निक व विधि कॉलेज खुलने से लोकल व जिले के स्टूडेंट को शिक्षा के क्षेत्र में फायदा मिलाहै। व अब केंद्र व राज्य सरकार के प्रयासों से मेडिकल कॉलेज भी शुरू हो गया है।सिर्फ अब केंद्रीय विद्यालय व सैनिक स्कूल की मांग लोकल जन करते रहते है।
लेकिन उच्च शिक्षा के केंद्रों में लेक्चरर व प्रोफेसर की अनेक विषयों में कमी के चलते छात्रों के अध्धयन पे भले प्रतिकूल प्रभाव पड़ता हो। लेकिन बरसो से सिरोही में विधि कॉलेज के नाम खूब राजनीति हुई व आखिर विधायक संयम लोढा के प्रयासों से विधि महाविद्यालय के लिए भूमि आवंटन भी हो गया और दानदाता पावापुरी ट्रस्ट के सहयोग से विशाल जय अम्बे केपी संघवी विधि महाविद्यालय का भवन भी तैयार हो रहा है।

केंद्र व राज्य सरकार समाज के हर वर्ग की उच्च शिक्षा में स्टूडेंट शिक्षा सम्बलन ,छात्रवृत्ति ओर शैक्षणिक,खेल कूद,साहित्य,कला अनेक क्षेत्र में भी भारी राशि व्यय करती है।पर राजकीय विधि महाविद्यालय जिसमे एक्जाम के साथ विधि महाविद्यालय में प्रवेश लेने वाले छात्रों के आवेदन की भी अंतिम तिथि थी।व विधि के छात्र छात्रा आवेदन जमा करवाने जिले भर से आये थे अब यह प्रक्रिया ऑफ लाइन होने से स्टूडेंट नेट या अन्य स्तोत्र से प्रवेश आवेदन मन माना शुल्क आवेदन प्रारूप के लिए ई मित्र व कही से भी अरेंज कर के जमा करवाने गए तो महाविद्यालय के प्रवेश आवेदन देने वाले स्टूडेंट से निशुल्क आवेदन फॉर्म राज्य सरकार की कॉलेज शिक्षा नीति में होने के बावजूद स्टूडेंट से कॉलेज की मुहर लगा कर 50 रुपये आवेदन शुल्क लिया।

मजबूर छात्र दबी जुबान आक्रोश व विरोध में आये पर अपने विधिक केरियर की शुरुआत में महाविद्यालय प्रशाशन से टकराना उचित नही समझा।
अनेक स्टूडेंट ने नाम नही छापने की शर्त पर बताया की हंम से जो 50 रुपया लिया जा रहा है क्या यह महाविद्यालय के कोष में जायेगा।
नही जाएगा तो विधि महाविद्यालय प्रबन्धन का कृत्य व शुल्क वसूली निजी कोष में जायेगा और गत तीन बरस से यही कहानी दोहराई जा रही है। इस बाबत विधि महाविद्यालय के छात्र संघ की अध्यक्ष रेखा माली से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि आवेदन के साथ 50 रुपया तो लिया जा रहा है। इस बारे में मुझे ज्यादा जानकारी नही है। राजकीय विधि महाविद्यालय में अब तक करीब 500 आवेदन प्राप्त हुए है।
