रिपोर्ट, सिरोही (हरीश दवे)
जैन समाज ने एडवोकेट सुरेशचन्द्र सुराणा को याद करते हुए दी श्रधांजलि उनके अधूरे कार्यो व स्वप्न को पूरा करना ही सच्ची श्रद्धांजलि:-महावीर जैन।
सिरोही के सपूत,निस्वार्थ समाज सेवी व एक युग के जानकार के निधन पर जैन वीसी व अजित छात्रावास में हुई श्रद्धांजलि सभा ।
सिरोही जिले के वयोवृद्ध गांधीवादी व अहिंसा के पुजारी राजस्थान जैन संघ व सेठ केपी पेढ़ी, व दर्जनों संस्थाओ के जनक,सीनियर एडवोकेट व जिला जल बिरादरी के अध्यक्ष स्वर्गीय सुरेश जी सुराणा के निधन पर अजित जैन छात्रावास सभागार व जैन वीसी में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन हुआ।जिसमें जैन समाज व नगर के प्रबुद्ध जनो ने हिस्सा लिया व श्रद्धा पूर्वक उनके साथ सामाजिक व अन्य कार्यो में मिले मार्गदर्शन व अनुभवों को साझा करते हुए उनके बताए मार्ग व अधूरे सपनो को पूरा करने का संकल्प लिया।इस अवसर पर जैन समाज के आशुतोष पटनी व रमेश कोठारी ने कहा कि सुराणा जी के निधन से जैन समाज ही नही पूरे जिले को अपूरणीय क्षति हुई है वो एक ऐसे बिरले व्यक्तित्व थे जिनका जीवन सत्य,सादगी,परोपकार,शिक्षा,चिकित्सा,न्याय,राजनीति हर क्षेत्र में प्रभावोत्पादक कार्य मानवता ,जीव सेवा व जल सरंक्षण में किये।जैन समाज मे उन्होंने पूरे देश व राजस्थान जैन समाज मे जो कार्य किये वो हम सबके लिए प्रेरणादायक है। मंगलवार पूर्वान्ह आदेश्वर मन्दिर में उनके पुत्र दिनेश सुराणा,अशोक सुराणा,शैलेश सुराणा व सुराणा परिवार ने सुरेश जी की आत्मा के आत्म कल्याणार्थ,अंतराय कर्म निवारण पूजा करवाई व पूजा समापन के बाद स्वामी वात्सल्य के बाद आयोजित श्रद्धांजलि सभा मे मुख्य टिलायत दलपत कुमार चौधरी की अध्यक्षता में एक सभा जैन वीसी के सभा भवन में हुई जिसमें उपस्थित महानुभावों ने 88 वर्षीय एडवोकेट स्व. सुरेश जी सुराणा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि सुराणा साहब ने जैन समाज का लम्बे समय तक मार्गदर्शन किया और हर वक्त वे समाज में एक स्तम्भ की तरह खड़े रहते ओर हर समस्या के समाधान में सहयोग करते । वक्ताओं ने उनसे जुड़ी यादों को उदगार के रूप में बताया और कहा कि वे 36 कौम में सर्वप्रिय व विश्वसनीय व्यक्ति थे । उन्होंने लेवी आंदोलन,इमरजेंसी में बोलने की आजादी पर लगे प्रतिबंध के विरुद्ध जन आंदोलन खड़ा करने ,प्रजा मण्डल के आंदोलन व जैन समाज के विरुद्ध नफरत फैलाने वाले आंदोलनों को लेकर भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की ।। राजस्थान में यह संभवतया पहले वकील होंगे जिन्होंने 60 वर्ष वकालात करने के बाद वकालत से वीआरएस लिया हो । अपने पिता स्वतंत्रता सेनानी स्व.धर्मचंद जी सुराणा व सर्वोदयी नेता स्व. गोकुल भाई भट्ट के पद चिन्हों पर चलकर उन्होंने प्रजा के दिल मे जगह बनाई । उनमें समन्वयक की भूमिका बड़ी गजब की थी । वे10 से अधिक संस्थाओं के साथ आरएसएस से भी जुड़े रहे और जिला जनता पार्टी के अध्यक्ष भी रहे । राजस्थान के जैन समाज को संगठित करने के लिए वे राजस्थान जैन संघ के वर्षो तक अध्यक्ष रहे ।वकालत में भी वे एक जाने पहचाने चेहरे थे । देलवाड़ा ट्रूस्ट के भी वे लम्बे समय तक अध्यक्ष रहे । सिरोही शहर में जल सरक्षंण के कार्य सदा उनकी याद दिलाता रहेगा ।सभा में जैन पेढ़ी सिरोही के अध्यक्ष रमेश सिंघी,के पी पेढ़ी के सचिव दिनेश बोबावत,आदेश्वर पेढ़ी के अध्यक्ष मोहनलाल बोबावत,सामाजिक कार्यकर्ता महावीर जैन ,जल बिरादरी के हरीश दवे व भीख सिंह भाटी ने उनके कार्यो को रेखांकित करते हुए श्रद्धा सुमन अर्पित किये उपस्थित लोगों ने नवकार मंत्र का जाप कर उनकी आत्मा की शांति की प्रार्थना की ।
