कंटीली झाड़ियां और झुके बबूल बने परेशानी का सबब।
सिरोही/ रिपोर्ट सुरेश पुरोहित,
निकटतम पाड़ीव कस्बें के डोरिया वाला कृषि फॉर्म जाने वाले रास्ते से होते हुए जावाल,उड़ जाने वाले कच्चे मार्ग पर आसपास के सभी कुएं में कंटीली झाड़ियां और बबूल के झुके पेड़ वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बन रहे हैं। इन कंटीली झाड़ियों और पेड़ों की लटकती टहनियों के कारण हादसों का अंदेशा बना हुआ है। और बरसात के मौसम में इस कच्चे मार्ग पर कीचड़ जमा होने से राहगीरों व वाहन चालकों को आवागमन के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है। आस-पास के किसानों ने काँटे की बाड़ को धकेल कर बाहर रोड स्थित लाने से उक्त कच्चा मार्ग सांकड़ा हुआ है।जिससे राहगीरों को आने जाने के लिए तकलीफ देखनी पड़ती हैं। लेकिन रात के समय इन झाड़ियों और टहनी से हादसा होने की आशंका बनी हुई है। मार्ग पर लटकती झाड़ियों और टहनियों को कटवाने की जरूरत संबंधित विभाग व ग्रामपंचायत ने नहीं समझी,जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ेगा। सड़क पर कई वर्षों से झाड़ियों की कटाई नहीं कराई गई है। विलायती बबूल का जंगल सड़क किनारे खड़ा है। पेड़ों की बेल और डालें सड़क तक आ गई हैं जिससे आने जाने वालों को परेशानी होती है। मोड़ पर कुछ दिखाई ही नहीं देता है। कंटीली झाड़ियों से लोग जख्मी भी हो जाते हैं। वाहन से चलने वाले दुर्घटना को लेकर संशकित रहते हैं। पैदल राहगीरों को भी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। घनी झाड़ियां लोगों के लिए मुसीबत बन चुकी हैं। कई वर्षों से सड़क किनारे लगे विलायती बबूलों को कटवाया नहीं गया है जो विस्तृत रूप से फैल चुके हैं। अगर इन झाड़ियों को ग्रामपंचायत अथवा कुँए वालो को उक्त कंटीली बाड़ काटने के लिए पाबंद करना चाहिए। यदि उक्त कंटीली झाड़ियों को साफ नहीं कराया गया तो कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। ज्ञात हो कि उक्त रास्ता जावाल,उड़ जाने के लिए शॉर्टकट रास्ता होने से ग्रामीण इस रास्ते का उपयोग करते है। ओर इस रास्ते से किसान सुमेरपुर मंडी हाउस जाने के लिए भी यही रास्ता का शयन करते हैं ताकि यहा से बरली होकर बलवंतगढ़ पहुँचे उतने में किसान कच्चे रास्ते से उड़ गाँव तक पहुँच जाते है और वहां से कच्चा माल बेचने सुमेरपुर नजदीक पड़ता हैं।इसलिए यहां के किसानों व आम जनता का कहना है कि यह रास्ता दुरुस्त कर जनता को होने वाली समस्याओं का समाधान करने उक्त रास्ते को सिसिरोड़ बनाया जाए।
रिपोर्ट सुरेश पुरोहित
