
सिरोही, राजस्थान ।
भारतीय किसान संघ का सरकार को अल्टीमेटम,
खनन परियोजना निरस्त नहीं हुई तो ज़िला स्तरीय आंदोलन की चेतावनी
भीमाना ग्राम सभा में सर्वसम्मति से प्रस्तावित खनन परियोजना के विरोध में प्रस्ताव पारित—ग्रामीण बोले, “प्राण चले जाएं पर खनन नहीं स्वीकार”
सिरोही।
पिण्डवाड़ा तहसील क्षेत्र की चार ग्राम पंचायतों—वाटेरा, भीमाना, भारजा और रोहिड़ाक्षेत्र के करीब 12 गावों —की 800.9935 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित मेसर्स कमलेश मेटा कास्ट प्राइवेट लिमिटेड की चूना-पत्थर खनन परियोजना के विरोध में ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। दो महीने से अधिक समय से चल रहे विरोध प्रदर्शनों, धरनों और ग्राम-स्तरीय बैठकों के बावजूद सरकार द्वारा संतोषजनक जवाब नहीं देने पर अब हालात उफान पर हैं।

सीएम के समक्ष रखी गई मांग पर सहमति न बनने से बढ़ा असंतोष
क्षेत्रवासियों का प्रतिनिधि मंडल हाल ही में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से उनके निवास पर मिला था, परंतु ग्रामीणों का कहना है कि मुख्यमंत्री की ओर से कोई ठोस या संतोषजनक आश्वासन नहीं मिला। वार्ता असफल रहने के बाद खनन परियोजना के विरोध में ग्रामीणों का गुस्सा चरम बिंदु पर पहुंच गया है।
लोगों का कहना है कि “अब आंदोलन ही आखिरी रास्ता बचा है”, वहीं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से भी लोगों का भरोसा उठ गया है। ग्रामीणों ने साफ कहा कि सत्ता पक्ष हो या विपक्ष—कोई भी उनके साथ खड़ा नहीं दिख रहा, जिससे नाराज़गी और अधिक बढ़ गई है।

भारतीय किसान संघ मैदान में—सरकार को सख्त चेतावनी
क्षेत्र के किसानों के समर्थन में भारतीय किसान संघ अब पूरी तरह खुलकर सामने आ गया है। गुरुवार को अतिरिक्त जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर किसान संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि समय रहते खनन परियोजना को निरस्त नहीं किया गया, तो किसान संघ ज़िला स्तरीय विशाल आंदोलन करेगा।
इस दौरान जिला मंत्री उत्तम सिंह, अध्यक्ष मावा राम चौधरी, संभाग युवा प्रमुख मुकेश पाल रावल सहित कई किसान नेता मौजूद रहे। किसान संघ ने कहा कि “किसानों के हितों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।”
भीमाना ग्राम सभा में विशेष बैठक—खनन परियोजना के खिलाफ सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित
भीमाना ग्राम पंचायत में गुरुवार को प्रशासक एवं कार्यवाहक सरपंच हेमेंद्र सिंह की अध्यक्षता में विशेष ग्राम सभा आयोजित की गई।
सभा में ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “भले ही प्राण चले जाएं, लेकिन खनन परियोजना स्वीकार नहीं।” ग्राम सभा में पुरानी सभी सहमति पत्र, सुझाव पत्र और एनओसी को एकमत से निरस्त करने का प्रस्ताव पारित किया गया। ग्राम विकास अधिकारी यशपाल सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

ग्रामीणों का संघर्ष जारी—बड़े आंदोलन की तैयारी
पिछले दो महीनों से ग्रामीण कभी पिण्डवाड़ा SDM कार्यालय का घेराव कर रहे हैं, तो कभी भीमाना में विशाल धरना देकर विरोध दर्ज करा रहे हैं। हर गांव में लगातार बैठकें हो रही हैं।
ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि सरकार ने परियोजना को वापस नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में बड़ा आंदोलन खड़ा होगा।
यह विरोध अब सिरोही जिले में एक बड़े जन-आंदोलन का रूप ले चुका है, और ग्रामीणों का कहना है कि खनन परियोजना निरस्त होने तक संघर्ष अनवरत जारी रहेगा।
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