
पिण्डवाड़ा/ सिरोही, राजस्थान ।
शक्ति संगम मातृ शक्ति सम्मेलन 2025 का भव्य आयोजन
रोहिड़ा के निकटवर्ती गांव देलदर
आदर्श विद्या मंदिर माध्यमिक विद्यालय, भारजा के सान्निध्य में सोमवार को ग्राम देलदर में सप्त शक्ति संगम मातृ शक्ति सम्मेलन 2025 का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मातृशक्ति के सशक्तिकरण, बाल संस्कार निर्माण तथा भारतीय संस्कृति के उत्थान हेतु आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम की संपूर्ण जानकारी विद्या मंदिर मिडिया प्रभारी भरत कुमार ने बताया
कार्यक्रम का शुभारंभ मां भारती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि चम्पत कुंवर , विशेष अतिथि जिगर कुंवर तथा मुख्य वक्ता आशा कुंवर उपस्थित रही
मुख्य वक्ता आशा कुंवर ने अपने प्रेरणादायी वक्तव्य में कहा “यदि बालक के जन्म से ही उनमें श्रेष्ठ संस्कारों का बीजारोपण किया जाए तो वे निश्चित रूप से भारत का उज्ज्वल भविष्य बन सकते हैं। मां ही बालक की प्रथम गुरु होती है, जो उसके जीवन की दिशा निर्धारित करती है।”
जिगर कुंवर ने कहा कि “मां ही बालक के संस्कारों की निर्माता होती है। बालक के सर्वांगीण विकास के लिए माताओं को अपने बच्चों में श्रेष्ठ संस्कारों का संचार करना चाहिए, ताकि वे समाज के आदर्श नागरिक बन सकें।
कार्यक्रम के मध्य में पुजा राजपुरोहित ने सुंदर एकल गीत प्रस्तुत किया, जिसने वातावरण को भावनात्मक बना दिया। भावना दीदी ने सभी मातृशक्ति बहनों ने भारत माता के जयघोष के साथ उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
विद्यालय की वंदना प्रमुख पुजा राजपुरोहित ने कहा “आदर्श विद्या मंदिर बालकों में उत्तम संस्कारों का निर्माण कर एक सशक्त समाज की नींव रखता है।”
कार्यक्रम में लगभग 50 मातृशक्ति बहनों ने सक्रिय भाग लिया और आयोजन को सफल बनाया। संतोष दीदी ने
कार्यक्रम के अंत में आभार व्यक्त किया गया और मातृशक्ति को समाज में संस्कार संवर्धन का दायित्व निभाने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम का कुशल संचालन सुरीली दीदी ने किया। समापन पर सभी मातृशक्ति बहनों ने भारतीय संस्कृति की रक्षा और बाल संस्कार निर्माण का संकल्प लिया।

