सिरोही, राजस्थान ।

आबूरोड में गोपालन गौशाला प्रकरण पर बड़ा खुलासा — 500 गौवंश लापता, दान की जमीन पर व्यावसायिक खेती जारी
आज आबूरोड में गोपालन गौशाला प्रकरण को लेकर प्रेस कॉन्फ़्रेंस आयोजित की गई, जिसमें सभी दस्तावेज़ और साक्ष्य मीडिया के सामने प्रस्तुत किए गए।
-प्रेस कॉन्फ़्रेंस में यह बताया ,
इस मामले में अब तक 500 गौवंश लापता पाए गए हैं, और हम 28 अगस्त से लगातार संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन 2 नवम्बर तक न तो कोई एफआईआर दर्ज हुई है और न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई है।
जाँच में यह भी सामने आया है कि गौशाला के नाम पर 531.05 बीघा जमीन दान में दी गई थी, लेकिन उसमें से केवल 15 बीघा जमीन पर ही गौशाला चलाई जा रही है। शेष 516 बीघा दान की जमीन पर व्यावसायिक खेती की जा रही है, जो दान की शर्तों का खुला उल्लंघन है।
गौशाला में इस समय करीब 740 गौवंश बहुत ही दयनीय स्थिति में हैं। उन्हें उचित चारा और देखभाल नहीं मिल रही, जिससे पशुओं की गंभीर उपेक्षा और प्रशासनिक लापरवाही उजागर होती है।
इस पूरे प्रकरण की जानकारी हमने एसडीएम, तहसीलदार और कलेक्टर साहब को दी है। इसके साथ ही सांसद लुंबाराम जी को भी इस विषय पर ज्ञापन सौंपा गया, और पशुपालन मंत्रालय को भी सूचित किया गया है।
प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि हमारी मांग है कि तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए, दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो, और दान की जमीन गौवंश के कल्याण के लिए वापस लाई जाए।
