सिरोही, राजस्थान ।
(चौथमल सूर्याल) ,,
*बोधगया महाविहार मुक्ति आंदोलन के तहत देश व्यापी चरणबद्ध आंदोलन का दूसरा चरण 8मार्च को सम्पन्न।
*बहुजन क्रांति मोर्चा के जिला संयोजक सुंदरलाल मोसलपुरिया ने जानकारी दी किबुद्धिस्ट इंटरनेशनल नेटवर्क के जिला संयोजक राधेश्यामबौद्ध के नेतृत्व में बुद्धिस्ट इंटरनेशनल नेटवर्क के बैनर तले बोधगया महाविहार मुक्ति आंदोलन के तहत दूसरे चरण का 08 मार्च 2025 को दिनभर जिला मुख्यालय पर रोजगार कार्यालय के पास धरना स्थल पर महाबोधि महाविहार टैम्पल मुक्ति के लिए नारे लगाते हुए धरना प्रदर्शन किया गया और जिला कलेक्टर कार्यालय कंट्रोल रूम के मार्फत महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया गया।
1-महाबोधी टेंपल एक्ट 1949 यह बौद्धों ने नहीं बनाया है, यह तो ब्राह्मणों ने अपने वर्चस्व कायम करने के लिए बनाया हुआ षड्यंत्रकारी कानून है। उसके माध्यम से ब्राह्मणों का महाबोधि विहार पर नाजायज कब्जा हो गया है। इस एक्ट से अंतर्राष्ट्रीय धरोहर के कानून का भी उल्लंघन होता है। इसलिए महाबोधी टेंपल एक्ट 1949 को रद्द करके इसकी जगह नए एक्ट बनाया जाए, जिसमें सारे के सारे सदस्य बौद्धों के होने चाहिए।
2-महाबोधि महाविहार परिसर में शिवलिंग कैसे हैं? बीटीएमसी क्या कर रही है? महाबोधि महाविहार यह बौद्धों की विश्व धरोहर है, यह बात 1895 के अनागरिक धम्मपाल बनाम महंत के केस के जजमेंट में सिद्ध हुआ है। इसके बावजूद मुख्य मंदिर के ही बगल में शिवलिंग को स्थापित करना और दीवार पर पांडवों का जिक्र करना यह विश्व धरोहर का अपमान करना है।
3-महाबोधि महाविहार मूलतः बौद्धों की विश्व धरोहर है, इसकी फाह्यान और व्हेनसांग के सफरनामे से और महाबोधि महाविहार उत्खनन रिपोर्ट से सिद्ध होता है। अतः इस स्थल को बौद्धों को सुपर्द किया जाए।
4-महंत के कोठी में सैकड़ो बुद्ध की प्रतिमा, शिलालेख और अभिलेख पड़े हैं। क्या महंत उसका मालिक है? उसे तुरंत प्रभाव से ASI के बोधगया संग्रहालय को सुपर्द किया जाए।
5 महाबोधि महाविहार के आसपास के परिसर में भी विधर्मी लोग बड़े पैमाने पर लाउडस्पीकर लगाकर माहौल को जानबूझकर खराब कर रहे हैं । इसको संज्ञान में लिया जाए।
6-महाबोधि महाविहार के पास ही सम्राट अशोक का महल था, जिसे फ्रांसिस बुकानन ने देखा था, उसे ढूंढकर बोधगया का इतिहास उजागर किया जाए।
7-ईवीएम मशीन के द्वारा केवल बौद्धों का ही नहीं बल्कि समस्त भारतीय नागरिकों के वोट का अधिकार प्रभाव शून्य हो गया है। अतः ईवीएम मशीन को हटाकर समस्त चुनाव बैलट पेपर से कराया जाए। उपरोक्त मांगों को लेकर बुद्धिस्ट इंटरनेशनल नेटवर्क के द्वारा पांच चरणों में चरणबद्ध आंदोलन किया जा रहा है। उपरोक्त धरना प्रदर्शन और ज्ञापन के समय मान्यवर जिला संयोजक बुद्धिस्ट इंटरनेशनल नेटवर्क,सिरोही राधेश्याम बौद्ध, जिला संयोजक बहुजन क्रांति मोर्चा सिरोही एडवोकेट सुंदरलाल मोसलपुरिया, रमेशचंद बेरवा भारत मुक्ति मोर्चा राजस्थान प्रदेश सदस्य, मान्य मदनलाल चौहान पूर्णकालिक प्रसारक बामसेफ,माननीय कानारामबौद्ध पूर्व BIN जिला संयोजक, उदाराम एवडी, पोपटलाल राठौड जिला कोषाध्यक्ष राष्ट्रीय मूलनिवासी बहुजन कर्मचारी संघ ट्रेड यूनियन सिरोही, नगाराम जावाल जिला महासचिव भारत मुक्ति मोर्चा सिरोही, एडवोकेट संजय माली, माधुराम, हीरालाल पालड़ी (R), सुशीन त्रिपुदे,एडवोकेट रामलाल राणा, आसुराम लूनिया जिला अध्यक्ष भारत मुक्ति मोर्चा सिरोही, माधुराम जिला सचिव भारत मुक्ति मोर्चा , मोहनलाल मीणा जिला अध्यक्ष राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद सिरोही, मंछाराम ओर, शैतान भाटी, मिश्रीलाल चौहान, मांगीलाल ओडा, श्रवण वैष्णव ओडा, एडवोकेट अशोक,, नारायण पाड़ीव, सेड़ूराम रैगर, दिनेश कुमार बरार इत्यादि अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

