सिरोही, राजस्थान ।
( सुरेश पुरोहित)

*डोलिया महोत्सव : राजपुरोहित समाज की महिलाओं ने निभाई परंपरा, गाए गीत*
गांव छापोल (आबुगोड़) में राजपुरोहित समाज की ओर से सोमवार को डोलिया उत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें महिलाएं पूर्व तय किए गांव में जाती है व मंगल गीत गाने के साथ सामूहिक नृत्य भी करती है।भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना से करती है सुख-समृद्धि की कामनाइसके बाद महाप्रसादी का आयोजन भी किया जाता है। जानकारी के अनुसार इस साल सैकड़ों वर्ष पुरानी परंपरा के चलते बड़ी संख्या में राजपुरोहित समाज की महिलाएं पारंपरिक वेश भूषा में ढोल धमाके के साथ नाचते गाते मंदिर पहुंची। जहां महिलाओं ने स्वागत किया। इसके बाद पुरोहित समाज की महिलाओं ने एक साथ ढोल की थाप पर मंगल गीत गाए व सामूहिक नृत्य भी किया।चार साल पहले तय होता है छापोल निवासी खेतारामजी राजपुरोहित ने बताया कि डोलिया महोत्सव की परंपरा सैकड़ों वर्ष पुरानी है। महोत्सव भगवान विष्णु को समर्पित है। इसमें भगवान विष्णु की माताएं पूजा-अर्चना कर गांव में सुख-समृद्धि की कामना करती है। डोलिया महोत्सव किस गांव में होगा यह चार साल पहले तय किया जाता है। इसके बाद एक गांव की महिलाएं तय गांव में जाकर मंगल गीत गाती है व एक साथ पारंपरिक नृत्य भी करती है। महोत्सव में सुन्नी बाई, लगव बाई, पार्वती देवी,इंद्रा देवी, ऊषा देवी, जोसना देवी, सरस्वती देवी, सीता देवी, कंचन देवी, नीरू देवी ,प्रियंका देवी,मधु देवी, हेतल देवी, कस्तूरजी पुरोहित ,खेताराम पुरोहित , ताराराम, मंछाराम चेनाजी, अशोक कुमार, गोपाल कुमार , शंकर लाल, जितेन्द्र कुमार, श्रवण कुमार , सुरेश कुमार,हितेश, पीयूष, पुरोहित आदि ग्रामीण उपस्थित रहे।
