बाल विवाह मुक्त भारत के तहत जागरूकता रैली कार्यक्रम का आयोजन

भारत में बाल विवाह की मौजूदा दर 23.3 प्रतिशत है और यूनीसेफ का अनुमान है कि अगर पिछले दस साल से हुई प्रगति जारी रही तो 2050 तक जाकर भारत में बाल विवाह की दर घट कर 6 प्रतिशत पर आ पाएगी। यह एक परेशान करने वाला आंकड़ा है और इसका मतलब है कि 2023 से लेकर 2050 के बीच सात पीढ़ियों तक बाल विवाह का दंश बच्चों से उनका बचपन छीनता रहेगा। इस अभियान का लक्ष्य 2030 तक बाल विवाह का पूरी तरह खात्मा और इस तरह हर साल 15 लाख बच्चियों को बाल विवाह से बचाना है। अभियान खास तौर से देश में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मौजूदा सरकारी नीतियों और कानूनों के क्रियान्वयन पर केंद्रित हैं।

अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर पूरे देश में चल रहे ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान के दौरान कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन, IIFL फाउंडेशन व सृष्टि सेवा समिति ने राज्य के सिरोही जिले के पिंडवाड़ा तहसील के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सिवेरा में प्रधानाचार्य श्री बाबूलाल मीणा की अगुवाई में रैली को हरी झंडी दी गई जिसमे सृष्टि सेवा समिति ब्लॉक पिंडवाड़ा के ब्लॉक समन्वयक मनोहर मीणा ने जागरूकता कार्यक्रम/रैली/संवाद का आयोजन किया गया |

यह अभियान गांव की महिलाओं की अगुवाई में चला, जिसमें महिलाओं के द्वारा स्थानीय सरपंच वार्ड पंच और का सहयोग लेते हुए बच्चों द्वारा भी बढ़ चढ़ कर भाग लिया गया तथा गांव में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान को लेकर मशालों के साथ जागरूकता रैली निकाली गयी और बाल विवाह रोकथाम हेतु शपथ दिलाई गयी |

इस अवसर पर स्थानीय विद्यालय से जसवंत सिंह चौहान,शारीरिक शिक्षक भंवरलाल मीणा, संकुल प्रभारी भीमाराम गरासिया, सखियों की बाड़ी दक्ष शिक्षक मांगीलाल,अशोक कुमार आदि ने भाग लिया

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