अजमेर, राजस्थान ।

राज्य स्तरीय रंगोत्सव पक्षपात के आरोपों से घिरा, शिक्षकों ने आयोजकों पर गंभीर आरोप लगाए।

अजमेर के केंद्रीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय मे राज्यस्तरीय रंगोत्सव का आयोजन किया गया। प्रतिभागियों ने आयोजक विद्यालय और जूरी पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाते हुए कहा कि

शिक्षण प्रतियोगिता मे

  1. जूरी ने पेंसिल से मॉकिंग की।
  2. Ppt और स्मार्ट बोर्ड के इस्तेमाल से रोक दिया।
  3. जूरी मोबाइल पर निरंतर बात करती रही।
  4. क्या जूरी संस्कृत और अँग्रेजी भाषा मे पढाये गए कंटेंट को समझने मे सक्षम थी।
  5. पारंपरिक लोक गायन मे चदरिया झीनी रे झीनी को प्रथम स्थान दे दिया जबकि यह पारंपरिक गीत है ही नही।
  6. TLM प्रतियोगिता में केवल शिक्षको के द्वारा स्वनिर्मित TLM ही प्रतियोगिता में शामिल किए जाते हैं,जबकि यहां न केवल रेडीमेड TLM को शामिल किया गया ..बल्कि नियमों को ताक पर रखते हुए उसे प्रथम स्थान के लिए विजेता घोषित किया गया।
  7. TLM प्रतियोगिता के दौरान भी निर्णायक मंडल पूरे समय फोन पर और बीच बीच में आपसी चर्चा में व्यस्त रहे ।
  8. लोक वाद्य मे तबला और हरमोनियम को रैंक दे दी गयी जबकि ये लोक वाद्य है ही नही।
  9. TLM प्रतियोगिता मे एक निर्णायक ने पहले रफ मॉकिंग की, आपस मे वर्तालाप और फोन पर बाते करने के बाद निर्णय दिया।
  10. यदि निर्णायक विषय के विशेषज्ञ थे तो उनका परिचय और उनकी उपलब्धियों को क्यों नहीं बताया गया ।
    11.पारंपरिक लोक गीत में केसरिया बालम के फ्यूजन को तृतीय स्थान प्रदान किया गया!

सभी जिलों के शिक्षकों मे व्यापक रोष है। वे प्रतियोगिता को पुनः करवाने की मांग कर रहे हैं. शिक्षको की मांग है कि शिक्षा विभाग राजस्थान को इन आरोपों की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।

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