*परम्परागत वेशभूषा के साथ भाई-बहिनों ने समंदर हिलोरा*
आहोर। जालौर,राजस्थान
रिपोर्ट प्रवीण कुमावत ,
आहोर नगर में कुम्हार समाज की ओर से सोमवार को आहोर के समीप खारा रोड पर स्थित कुमटिया नाड़े पर सामूहिक समंदर हिलोरने की परंपरा का धूमधाम से निर्वहन किया गया। समंदर हिलोरने के आयोजन में परंपरागत वेशभूषा कटारिया घाघरा एवं वाला सुनरी में कुम्हार समाज के हजारों की संख्या में महिला पुरुषों की भीड़ उमड़ी कुम्हार समाज के करीब 800 भाई बहिनों ने एक साथ समंदर हिलोरने की परंपरा का धूमधाम से निर्वहन किया ।

इस अवसर पर कुम्हार समाज के भाई बहिनों समेत बड़ी संख्या में लोग सर्वप्रथम सरियादेवी मंदिर , केरावावास ,मारूओ का वास , खालसा बस स्टैंड , अंबाला की सेरी ,सभी मिलकर समाज की कुमावत धर्मशाला पहुंचे वहाँ ढोल – थाली की झनकार से पैदल रवाना होकर खारा रोड़ पर स्थित कुमटिया नाड़ा पहुंचे।

समाज के कई भाई बहिनों ने यहां सामूहिक रूप से ब्राह्मणों द्वारा वेद मंत्रों व पूजन के साथ समंदर हिलोरने की परंपरा का धूमधाम से निर्वहन किया। इस दौरान भाई बहिनों ने एक दूसरे को तालाब का पानी पिलाया तथा भाइयों ने बहिनों को चुंदड़ी ओढ़ाई। कार्यक्रम के दौरान तालाब पर लोगों की भीड़ उमड़ी। लगभग 5000 हजार समाज के लोग मौजूद थे । महिलाओं ने सिर पर सजी-धजी मटकियां लेकर तालाब के चारों ओर परिक्रमा लगाई । महिलाओं ने ढोल की थाप व थाली की झंकार पर नृत्य किया । कार्यक्रम के अंत में सामूहिक भोजन प्रसादी का आयोजन किया गया ।

