21 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन की चेतावनी

 सिरोही, राजस्थान (हरीश दवे),

राजस्थान समग्र शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष एवं एकीकृत कर्मचारी महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ उदयसिंह डिंगार ने शिक्षको एवं कार्मिकों की  मांगों को लेकर नेता प्रतिपक्ष राजेंद्रजी राठौड़ को जयपुर स्थित उनके आवास पर उपस्थित होकर बकाया मांगों संबंधी दुखड़ा सुनाया, वही मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री के संयुक्त शासन सचिव ललित कुमार को 21 सूत्री मांग पत्र सौंप कर आंदोलन की चेतावनी दी। ज्ञापन में डॉक्टर डींगार ने बताया कि प्रदेश में वर्षों से अल्प मानदेय पर कार्यरत करीब 4 लाख संविधा निविदा एवं प्लेसमेंट कार्मिकों को नियमित होने की उम्मीद पर पानी फिरा है। उन्होंने बताया कि संविदा सेवा नियम 2022 अंतर्गत लाखों कार्मिकों को एडॉप्शन से वंचित किया गया है, वही अडॉप्ट किए गए कार्मिकों के पूर्व की सेवा जोड़कर उचित लाभ नहीं दिया गया है । उन्होंने बताया कि पूर्व में रहे संविदा अध्यापकों को आज दिनांक तक न्याय नहीं मिला है ,वही मुख्यमंत्रीजी की घोषणा के बावजूद भी प्रबोधकों को पदोन्नति अनुसार पदस्थापन नहीं मिला है। उन्होंने  बताया कि तृतीय श्रेणी  अध्यापकों के तबादलों के मामले में सरकार पूर्णतया विफल रही है।  नॉन टीएसपी के अध्यापकों को आज दिनांक तक विकल्प अनुसार पदस्थापन परिवर्तन नहीं मिला है। इसी प्रकार उन्होंने वेतन फिक्सेशन त्रुटि 11170 बनाम 12900 का हल नहीं निकलने, सन 2008 में विलंब से सरकार द्वारा नियुक्ति देने के कारण  योग्यता धारी अध्यापकों के एक बकाया वेतन वृद्धि को लेकर मामला लंबित होने, प्रबोधकों के पूर्व सेवा जोड़ने उनका पद नाम अध्यापक करने,  30 जून को सेवानिवृत होने वाले पेंशनरों को 1 जुलाई को लगने वाली वेतन वृद्धि दिलवाने ,वर्षों से  लंबित  पदोन्नति करवाने , सामंत तथा खेमराज कमेटी की रिपोर्ट भी सार्वजनिक कर हूबहू लागू करवाने, चयनित वेतनमान प्रति 8 वर्ष पर देने एवं  संपूर्ण सेवा काल में चार बार एसीपी लाभ देने, तबादला नीति बनाकर तत्काल अध्यापको तबादले करने ,महात्मा गांधी स्कूलों में नियमित शिक्षकों की भर्ती करने, ग्रामीण एवं पर्वतीय भत्ता देने ,शिक्षा कल्याण बोर्ड गठित करने, नोशनल परिलाभ के मामले सुलझाने , स्टाफिंग पैटर्न लागू करवाने, गैर शैक्षिक कार्यों से मुक्त करवाने,नव नियुक्ति से पूर्व अधिशेष कार्मिकों का समायोजन करवाने ,समेत 21 सूत्री मांगों पर शीघ्र कार्रवाई कर राहत की मांग करते हुए तत्काल समाधान नहीं होने पर राज्य भर में आंदोलन का ऐलान किया है।

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