सारणेश्वर पुस्तकालय में हिन्दी दिवस का आयोजन
सिरोही, राजस्थान (हरीश दवे),
स्थानीय सारणेश्वर पुस्तकालय में हिन्दी दिवस का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम समारोह में उपस्थित मेहमानो ने मां सरस्वती पर पुष्पाहार एवं धुप प्रज्जवलित किया गया। तत्पश्चात् पुस्तकालय की पाठक युक्ता रावल ने हिन्दी का हमारे जीवन मे महत्व,तेजस्वी चारण ने हिन्दी को कैसे बढावा दे, रितिका पटेल ने हिन्दी के प्रति लोगो की जागरूकता कैसे बढाए, गौरव ने हिन्दी कों समझना सरल है पर विचार व्यक्त किए। पाठक भवानी सिंह ने ’असफलता बाधा है’, वंदना लखवानी ने ’संस्कृत की लाडली बेटी है हिन्दी,ललिता ने ’जिन्दगी में दो ही लोग सफल होते है’,सुरेष कुमार ने ’सच्चा सुकुन’ कविता प्रस्तुत की। आगन्तुक नरेन्द्र सिंह चैहान ने कृष्ण भक्ति गीत गाकर माहौल भक्तिमय कर दिया।अतिथि विभा सक्सेना ने हिन्दी भाषा के इतिहास के बारे मे, व्याख्याता प्रतिभा आर्य ने वर्तमान में सभी अध्ययन कार्य हिन्दी से किए जाने तथा हिन्दी माध्यम के महा विद्यालय खोले जाने पर बल दिया। व्याख्याता नरेष ओझा ने प्रतियोगी परिक्षाओं में किस तरह सफलता प्राप्त की जाए उसके गुर पाठकों को बताए। सेवानिवृत रेंजर प्रवीण सिंह सिन्दल ने हमारे हिन्दी भाषा में अंग्रेजी भाषा के षब्दों का प्रयोग होता है।और उसे हमने अपना लिया है को बताया,हरीष दवे ने वर्तमान काल में अंग्रेजी भाषा के स्थान पर हिन्दी पर अधिक जोर देने पर बल दिया।
लाईब्रेरियन प्रदीप सिंह राठौड ने बताया कि समारोह में उपस्थित सभी मेहमानो व प्रस्तुति देने वाले पाठकों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। मंच का संचालन श्री गोपाल सिंह राव ने किया। इस अवसर पर परामर्शदाता रेनू शर्मा, कम्प्यूटर आॅपरेटर वंदना खंडेलवाल, शंकरलाल, भीक सिंह भाटी व पुस्तकालय के पाठक कोमल, हरचन्द पुरी, भरत देवासी, दलपत, अशोक, विशाल, राहुल, दशरथ, धवल, हिम्मत, योगेश, मोहित, अर्पित व अन्य उपस्थित थे।

