सिरोही, राजस्थान ।
कृष्णावती बजरी खनन प्रकरण : आठवें दिन धरना हुआ समाप्त, धरनार्थियों की 7 मांगों पर बनी सहमति
◆ आमरण अनशन पर बैठे लोगों को ज्यूस पिला पिला कर तोड़ा अनशन
◆ राज्यमंत्री देवासी, सांसद चौधरी, जिलाप्रमुख पुरोहित, जिलाध्यक्ष रक्षा भंडारी पहुंचे धरना स्थल
कृष्णवती नदी क्षेत्र में पोकलैंड मशीनों से भारी मात्रा में किए जा रहे बजरी खनन के विरोध में संघर्ष समिति के बैनर तले बायोसा मंदिर परिसर में 22 गांवो के लोग धरने पर बैठे रहे, इस दोरान शनिवार को धरनार्थियों में से नारायण लाल सुथार व दिनेश सिंह जामोतरा ने आमरण अनशन शरू कर दिया। धरने के आठवे दिन राज्यमंत्री ओटाराम देवासी , सांसद लुम्बाराम देवासी , जिलाध्यक्ष रक्षा भंडारी , जिला प्रमुख अर्जुनराम पुरोहित समेत पदाधिकारी धरना स्थल पर पहुच कर धरनार्थियों से वार्ता कर 7 बिंदुओं में लिखित में सहमति हुई।इस दौरान राज्यमंत्री देवासी धराणार्थयो को कहा कि मै जनता का सेवक हु ओर मै जनता के साथ रहुगा। उन्होंने ने कहा कि सिरोही शिवगंज विधानसभा में मुझे जिताकर दो मंत्री बनाया है,राज्य मंत्री देवासी ने कहा कि पूर्व में हुए धरने के दौरान कर्षणावती संघर्ष समिति के प्रतिनिधि मंडल के साथ रहकर मुख्यमंत्री भजनलाल से मिलवाकर खनन को रुकवाया । फिर समिति ने ठेकेदार से समझौता किया जब मुझे साथ रखते ।इस दरम्यान राज्यमंत्री ने आमरण अनशन पर बैठे नारायणलाल सुथार व दिनेशसिंह जामोतरा को ज्यूस पिला कर अनशन छुड़वाया।धरने में बैठे लोगों को सहमति होने की सूचना मिलने पर काफी संख्या में धरना स्थल पर भीड़ उमड़ पड़ी।
◆ सहमति की सूचना मिलते ही ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे
जैसे ही धरना स्थल पर बैठे लोगों को अपनी मांगों पर सहमति बनने की धोषणा हुई वेसे ही उपस्थित धरनार्थियों के चेहरे खिल उठे व तालियाँ बजा कर साथ ही जयकारे लगा कर एक दुझे को बधाई दी।
◆ आठ दिन में 51 घंटे तक रखा आमरण अनशन
धरने के दौरान नतीजा नही आने पर कर्षणावती संघर्ष समिति के दो व्यक्ति शनिवार से आमरण अनशन पर बैठ गए । इस दौरान सोमवार को दोपहर को राज्यमंत्री देवासी के हाथों ज्यूस पिलाकर आमरण अंनशन को छुड़वाया । आमरण अनशन करीब इक्यावन घण्टे तक रहा ।
◆ भोजन की व्यवस्था की मंडल ने संभाली
धरने के दौरान ग्रामीणों के सुविधा के लिए भोजन , चाय , पानी व्यवस्था कर रखी थी । जो कि बायोसा मित्र मंडल के कार्यकर्ताओं ने व्यवस्था सम्भाल रखी थी ।
◆आठवे दिन खुले बाजार , बाजारों में हुई चहल पहल
धरने के दौरान अनिश्चित कालीन बाजार बंद के बन्द रहने के बाद जावाल के बाजर में सन्नाटा नजर आ रहा था पर सहमति बनने से सोमवार को दोपहर बाद बाजार खुल गए, इससे बाजार में चहल पहल शुरू हो गई ।
◆ दो बार वार्ता विफल , तीसरी बार वार्ता हुई सफल
धरने के दौरान राज्यमंत्री ओटाराम देवासी, प्रशासनिक अधिकारी , सासद लुम्बाराम चौधरी, जिलाध्यक्ष समेत धरनार्थियों के बीच सर्किट हाउस में बैठक हुई पर वहां भी कोई बात नही बनी दूसरी वार्ता शुक्रवार को जावाल सिरोही रॉड स्थित निजी शोरूम में सासद लुम्बाराम के साथ संघर्ष समिति के प्रतिनिधि मंडल के साथ हुई । लेकिन वहां भी वार्ता असफल रही तीसरी वार्ता रविवार रात को सिरोही सर्किट हाउस में हुई जहां आखिर धरनार्थियों की मांग पर सहमति बन गई।सोमवार को राज्य मंत्री ओटाराम देवासी, सासंद लुंबाराम चौधरी, जिला प्रमुख अर्जुन राम पुरोहित, जिलाध्यक्ष रक्षा भंडारी व पदाधिकारियों की मौजूदगी में प्रशासन और संघर्ष समिति के प्रतिनिधि मंडल के साथ 7 बिन्दुओ पर समझौता वार्ता हुई । सहमति बनाकर आमरण अनशन छुड़वाकर धरना समाप्त करने की घोषण की इस दौरान वक्ताओं ने राज्यमंत्री देवासी, सांसद चौधरी, जिलाप्रमुख पुरोहित, जिलाध्यक्ष रक्षा भंडारी समेत सभी पदाधिकारियों के साथ व्यापारी संगठनों व मीडया से जुड़े सभी पत्रकाररो का आभर जताया
◆ इन 7 बिंदुओ पर बनी सहमति
1. अति जिला कलेक्टरसिरोही की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी बिठाई जायेगी जिसमें कृष्णावती नदी संघर्ष समिति के नौ सदस्य व खनन विभाग जोधपुर की टीम भी शामिल होगी। जांच में दोषी पाए जाने पर लीज निरस्त करवाने की कार्यवाही की जाएगी ना की जुर्माना भरवाकर खानापूर्ति की जाएगी। जब तक जांच पूरी नहीं होगी तब तक कृष्णावती नदी में खनन पूर्णतया प्रतिबंध रहेगा।
2- जांच होने के बाद अगर खनन चालू होता है तो कृष्णावती नदी के तीनों पॉइंट पर केवल एक एक जेसीबी से ही खनन होगा। किसी भी परिस्थिति में फॉकलैंड मशीन और बडे वाहन नदी के अंदर नहीं जायेंगे।
3- कृष्णावती नदी के अंदर भविष्य में केवल ट्रेक्टर ट्रॉली से ही बजरी परिवहन होगा।
4-जांच पुरी होने तक लीज धारक स्टॉक से केवल बजरी उठा सकता है, नया स्टॉक नहीं कर सकता है। लीज धारक 10 डंपर और ट्रेक्टर ट्रॉली द्वारा अपना स्टॉक खाली करेगा और भविष्य में जांच पुरी होने के बाद नया स्टॉक ट्रेक्टर ट्रॉली के माध्यम से ही करेगा व ट्रेक्टर ट्रॉली से ही आगे परिवहन करेगा।
5- जिस गांव में बजरी का पॉइंट है उसी गांव में बजरी का परिवहन करने पर बजरी की किमत 800/- अक्षरे आठ सौ रूपये प्रति ट्रॉली की दर पर मिलेगी जिस गांव में बजरी का पॉइंट नहीं है उस गांव के निकटतम बजरी के पॉइंट से बजरी ले जाने पर उसे भी 800/- अक्षरे आठ सौ रूपये प्रति ट्रॉली के हिसाब से ही देने पड़ेंगे लेकिन अगर कोई ट्रेक्टर दूसरे गांव में जाकर सप्लाई कर रहा है तो उसे 1500/- अक्षरे पंद्रह सौ रूपये प्रति ट्रॉली के हिसाब से देने पड़ेंगें। जिसकी रवानगी रसीद ठेकेदार द्वारा देनी होगी।
6- यह समझौता कृष्णावती नदी (22 गांव) के लिए किया गया है
7- आंदोलन से जुड़े हुए किसी भी व्यक्ति पर भविष्य में भी किसी भी प्रकार का कोई भी मुकदमा दर्ज नहीं किया जायेगा
