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मानसिक शांति किसी भी मूल्य पर खरीदी नहीं जा सकती

माउंट आबू, 04 अगस्त।

वरिष्ठ राजयोगी बीके सूरज भाई ने कहा कि मानव स्वयं में एक शक्ति का पुंज है। अपनी अंतर्निहित शक्तियों की पहचान कर उसे कार्य में लगाने से किसी भी क्षेत्र में सुगम तरीके से कामयाबी अर्जित की जा सकती है। शांति किसी भी मूल्य पर खरीदी नहीं जा सकती है उसके लिए त्याग, तपस्या की जरूरत है। यही गुण मनुष्य को महान बनाते हैं। जहां त्याग-तपस्या की परिभाषा समझ में आ गई, वहां सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य , आनंद व प्रसन्नता स्वत: मनुष्य की परछाई की तरह पीछे आते हैं। यह बात उन्होंने रविवार को ज्ञान सरोवर में आये उद्योग एवं व्यापार जगत के जाने माने लोगो को संबोधित करते हुए कही।

उन्होंने कहा कि मेहनत के साथ-साथ दुआओं का हमारे जीवन में गहरा प्रभाव होता है। मां बाप की दुआएं, बड़ों का आर्शिवाद सफलता प्राप्त कराता है। असफलता से निराश होने बजाये दोगुनी उमंग उत्साह से कार्य करने से सफलता अवश्य मिलती है। आध्यात्मिकता मन के सब प्रकार के बोझ से मुक्त कर जीवन को खुशहाल बनाती है। जीवन में ईश्वरीय समर्पण व सच्ची लगन से कोई भी कार्य किया जाए तो उसमें सफलता शुनिश्चित है। परमात्मा से सच्चाई सफाई रखने पर समय व परिस्थितियों के अनुसार व्यापारिक क्षेत्र में बुद्धि यथार्थ निर्णय करने में सक्षम होती है। परमात्मा से शक्तियां ग्रहण करने वाली आत्मा जीवन में आने वाले हर अंधकार को रोशनी में तब्दील करने में समर्थ होती है। उन्होंने कहा कि जीवन ऐसा जीओ जो दूसरों के लिए प्रेरणा बने। जब तक हमें स्वयं की पहचान नहीं है तब तक ना तो कोई स्वयं सुखी रह सकता है, ना ही दूसरों को सुख दे पाते हैं। पवित्रता की शक्ति अनेक परिस्थितियों का सामना करने का रास्ता प्रास्त करती है। जीवन में सत्यता व पवित्रता की धारणा में सर्वश्रेष्ठ बल है।

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