सिरोही,राजस्थान /V24 न्यूज
भारतीय नव वर्ष सृष्टि के प्रारंभ का दिवस:-प्राचार्य मधुसदन त्रिवेदी,
आविम की छात्राओ ने किया परम्परागत तरीके से नव वर्ष का स्वागत व नगर में निकाली स्वागत संवत 2080 रैली ।
सिरोही(हरीश दवे),
श्रीमती सुशीलादेवी प्रकाशराजजी मोदी बालिका आदर्श विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक सिरोही की वंदना सभा में भारतीय नववर्ष विक्रम संवत 2080, युगाब्द 5125 का उत्सव मनाया गया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य मधुसूदन त्रिवेदी द्वारा भारतीय नववर्ष मनाने के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। भारतीय नववर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को ही क्यों मनाया जाता है ? सृष्टि का प्रारम्भ सतयुग का प्रथम दिन, भगवान श्रीराम व युधिष्ठिर का राज्यभिषेक, आर्यसमाज के संस्थापक स्वामी दयानन्द सरस्वती, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक परमपूज्य डा. केशराव बलिराम हेडगेवार का जन्मदिन, गुडी पडवा, नवरात्रि का प्रारम्भ, मौसम बदलता है, फसल कटाई का समय रहता है। इसलिए समाज में आनन्द का उत्सव रहता है। महाराजा विक्रमादित्य द्वारा विदेशीय आक्रान्ताओं को हराकर सुसंगठित राज्य का संचालन किया था। तथा हिन्दु नववर्ष के दिन एक विशाल शोभायात्रा का आयोजन किया गया। यह यात्रा रामझरोखा मैदान से निकलकर नीलवनी चौक, खारी बावडी, सरजावाव दरवाजा, लक्ष्मी ज्यूस सेन्टर, नया बस स्टैण्ड व एल.आई.सी. से भाटकडा होते हुए रामझरोखा समापन हुआ। इस शोभायात्रा में विद्यालस की बहिनों व आचार्यो तथा समाज के प्रबुद्ध नागरिकोें ने बढ-चढ़कर भाग लिया। विद्यालय की बहिनों ने बाजार में उपस्थित नागरिकों को तिलक व गुड-धनिया खिलाकर हिन्दु नववर्ष की शुभकामनाएँ दी। बाजार में विभिन्न जगहों पर गरबों का आयोजन हुआ। नये वर्ष पर गीत गाये गए व मिठाई खिलाई गई । इस शोभायात्रा में बैण्ड-बाजे, घोडे, सभी बहनो के हाथ में भगवा पताकायें भी थी और उत्साहपूर्वक सभी नगर वासियों को भारतीय नववर्ष की शुभकामनाएँ दी।

इस शोभायात्रा में विद्यालय के प्रबन्ध समिति की अध्यक्षा गीताजी मिस्त्री, विद्यालय के व्यवस्थापक नरेन्द्रपाल सिंहजी, विद्यालय के सहकोषाधक्ष शंकरलालजी माली, प्रबंध समिति के माननीय सदस्य कपिल जी त्रिवेदी, लालसिंह जी, हरिसिंह जी (प्रधानाचार्य आ.वि.मं रामझरोखा), प्रकाशचन्द्र जी (कार्यलय प्रमुख आ.शि.स.सिरोही) व विद्यालय स्टॉफ धीरेन्द्र माली, दलपत सिंह, शारदाजी वीणाजी, कमोदजी, भावनाजी प्रजापत, सोनियाजी, कल्पनाजी, निकिताजी, दिपिकाजी, चन्द्राजी, तथा भारत विकास परिषद के कोषाध्यक्ष विपिन अग्रवाल, ओमकांर सिंह उदावत, राजेन्द्र सिंह जी राठौड उपस्थित रहे।

