कालंद्री/सिरोही ,

श्री ब्रह्मधाम ब्रह्माजी मंदिर कालन्द्री स्थित नवपरगना राजपुरोहित समाज की आमसभा का आयोजन ।

श्री श्री १००८ गुरुदेव श्री रामानन्दजी एवं गुरुदेव दण्डी स्वामी श्री देवानन्दजी के सानिध्य में सम्पन्न हुई।

श्री रामानंद जी महाराज ने राजपुरोहित समाज बंधुओ को संबोधित करते हुए कहा कि समाज में एकता व अखंडता रखें आपस में प्रेमभावना के साथ साथ समाज मे फिजूलखर्ची नही कर सामाजिक खर्च कर शिक्षा में भी सहयोग देनी की बात कही।इसी दौरान दांडी स्वामी देवानन्दजी महाराज ने समाज को मार्गदर्शन देते हुए कहा कि राजपुरोहित समाज में बढ़ रही कुरीतियों को उखाड़ फेंकने व पश्चिमी संस्कृति की तरह अपने समाज में हो रही शादियों से दूर रहने व युवाओं में मुगलों की दाढ़ी के क्रेज से भी दूर रहकर हमारे राजपुरोहित समाज में शोभनीय हो वह कार्यक्रम आयोजित किए जाए। गुरुदेव देवानन्दजी ने बताया कि हमारे ब्राह्मण समाज मे घूँघट प्रथा में शादी करनी चाहिए एवं अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए जाते है वह हमारी संस्कृति हैं। उन्होंने बताया कि समाज मे टूट रही सगाई व शादियों को रोकने का प्रयास होना चाहिये। समाज मे पंचायती पुनः स्थापित कर नवपरगना समाज के सभी परगने में एक ही नियम लागू करने चाहिए। जिस पर उपस्थित राजपुरोहित समाज ने करतल ध्वनि से स्वागत किया।

गुरुदेव ने बताया कि आज हमारे समाज मे खुले मुँह माला पहनाने की परंपरा को रोकनी चाहिए व दाढ़ी बढ़ाकर कोई भी दुल्हा शादी करने आता है तो ऐसे दूल्हे का स्वागत नही करना चाहिए। इस सभा का उद्देश्य अक्षय तृतीया के वार्षिक मेले हेतु पूर्व तैयारी एवं बाकी चढ़ावो की बोलिया बोलने के साथ छात्रावास नव निर्माण पर भी चर्चा विचारणा की गई।

अध्यक्ष कन्हैयालाल पुरोहित द्वारा समाज बन्धुओ को वार्षिक मेले में अधिक से अधिक संख्या में सहपरिवार सहित पधारने का निवेदन किया गया एवं नुतन गौशाला में अवलोकन करने का भी निवेदन किया गया। श्री ब्रह्मा जी मंदिर में चढ़ावो की बोलियो में समाज बन्धुओ ने उत्साह पूर्वक बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान अध्यक्ष कन्हैयालाल तवरी,दीपाराम फुंगनी, अशोक फुंगनी,रतनलाल सनवाड़ा,सोमाराम फुंगनी,पुखराज तंवरी,बी.टी. पुरोहित,दूदाराम मनोरा,सवाराम मनोरा,हीरालाल सिलदर,भंवरलाल वेलांगरी,धुखाराम वराडा,दिलीप मंडवारिया,जुहारमल वराडा,तेजपाल चड़वाल,देवेंद्र मोहबतनगर,गणेशमल वाण,शंकरलाल कालन्द्री,चुनीलाल जसवंतपुरा,रणछोड़ मामावली,गणेश सिन्दरथ,वीराराम मण्डवाड़ा,गोविंद मंडवारिया,प्रकाश आमलारी,नथमल मामावली,धर्माराम मामावली,गिरधारीलाल मंडवारिया,छगनलाल फ़ासरिया,गोपाल मनादर,विसाराम फुंगनी,हेमंत पुरोहित, भंवरलाल पाड़ीव,प्रवीण चड़वाल,जयंतीलाल पाड़ीव,शंकरलाल पाड़ीव,देवाराम दांतराई,विक्रम मण्डवाड़ा, वसंत मंडवारिया,मोहन मण्डवाड़ा,खुशाल उड़ समेत सैकड़ो राजपुरोहित समाज बंधुओ ने भाग लिया। इस साधारण बैठक का मंच संचालन आचार्य भरतराज पुरोहित(प्रयागराज) द्वारा किया।

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