घर घर यज्ञ,घर घर संस्कार कार्यक्रम का आयोजन।
सिरोही(हरीश दवे) – वर्तमान परिवेश में आदर्श परिवार निर्माण के लिए बालक-बालिकाओं मे संस्कार का होना आवश्यक है कक्षा 5 वीं से 8 वीं के बच्चे कुम्हार की गीली मिट्टी की तरह होते है इसी उम्र में उन्हें अच्छा गढ़ा जा सकता है है। उक्त बात मंगलवार को देवसंस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकुंज हरिद्वार से इंटरशिप के लिये सिरोही आयी देव कन्याओ ने स्थानीय गायत्री शक्ति पीठ सिरोही की महिला कार्यकर्ताओ के नेतृत्व में शिवगंज की गीता आनंद सीनियर सेकण्डरी विद्यालय के छात्र छात्राओं को कही उन्होने कहा कि व्यक्ति के जीवन में संस्कारों का बहुत महत्व है और इसकी शुरूआत जन्म से ही हो जाती है । गायत्री परिवार के ट्रष्टी एवं मीडिया प्रभारी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि घर-घर यज्ञ ,घर-घर संस्कार कार्यक्रम के तहत देव कन्याओं जीया अग्रवाल,रूपल ठाकुर व योगिता रावत द्वारा जिले भर में संस्कार कार्यक्रम किये जा रहे है मंगलवार को सिरोही ,शिवगंज शहर के विभिन्न स्कुलो मे वि़द्यार्थियों को अपनी संस्कृति वेदिक पंरम्पराए के बारे मे जानकारी दी गई । वर्मा ने बताया कि गायत्री शक्ति पीठ के परिवाजक विजय कुमार ने गीता आनंद विद्यालय में छात्राओ से कहा कि एक आदमी को शिक्षित करके, केवल एक आदमी को शिक्षित किया जा सकता है लेकिन एक महिला को शिक्षित करने से, पूरे देश को शिक्षित किया जा सकता है। नारी शिक्षा का अभाव समाज के शक्तिशाली हिस्से को कमजोर करता है। इस अवसर पर देव कन्या योगिता रावत ने कहा कि संस्कारी बच्चे हमेशा देश ,परिवार, घर के उत्थान के बारे में सोचते है और काम करते हैं। उन्होने कहा कि आधुनिकता आज बच्चों को दिशाहीन कर रही है और उनके भटकने के मौके ज्यादा हैं ऐसे समय में बच्चों में अच्छे संस्कारों की और ज्यादा जरूरत है। सिरोही में दक्षिण मेघवाल वास स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय के बच्चों को देव कन्या रूपल ठाकुर ने कहा कि नई पीढ़ी को संस्कारवान बनाने के लिए गायत्री परिवार विशेष योजनाओं पर काम कर रहा है बच्चों को बचपन से ही ऐसे संस्कार दिए जा रहे हैं, जो उन्हें 55 की उम्र तक भी काम आएंगे। देव कन्या जिया अग्रवाल ने बच्चो को कहा कि जब बच्चे स्कूल में पढ़ने के लिए जाते हैं तो वहां उन्हें सिर्फ पुस्तकीय ज्ञान मिल पाता है लोगों के साथ कैसा व्यवहार करें, कैसे वे अच्छा इंसान बन सकते हैं इस संबंध में भी उन्हे विद्यालय स्तर पर ही संस्कार दिया जाना चाहिये उन्होने बच्चो को योग व खेल के साथ ज्ञानवर्धक कहानियो के माध्यम से संस्कारित बनने के लिये प्रेरित किया । वर्मा ने बताया कि गीता आनंद सीनियर सेकण्डरी विद्यालय के प्राचार्य गीता देवी,प्रबंधक आनंदसिंह ,उर्मिला देवी एवं राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय सिरोही की शिक्षिका चन्द्रकांता व सोनल ने कहा कि आज मनुष्य संस्कार के अभाव में दिशाहीन हो चुका है उसे पुनः दिशा प्रदान करने के लिए गायत्री परिवार द्वारा संस्कार परंपरा को पुनः जीवित करने का कार्य किया जा रहा है वो सराहनीय है। इस अवसर पर गोविन्द खण्डेलवाल, रंजन देवी, उर्मिला खण्डेलवाल, इदिरा खत्री, शुचिता गोमतीवाल, हेमलता निमेश, यशस्विनि गोमतीवाल,,शालिनी वर्मा सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।
