बतीसा एवम माही बांध का पानी सिरोही बांधो में लाने हेतु दिया लुंबाराम चौधरी ने दिया ज्ञापन।

सिरोही(हरीश दवे) – भाजपा पूर्व जिला अध्यक्ष लुंबाराम चौधरी ने बतीसा एवं माही बांध का पानी सिरोही बांधों में लाने हेतु केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को ज्ञापन सौंपा।चौधरी ने ज्ञापन में बताया कि बत्तीसा बांध का निर्माण करवाने की स्वीकृति के समय हमारी मांग थी कि बतिसा बांध का सारा पानी बहकर गुजरात जा रहा है। जिसको बांध बांधकर बांध की ऊंचाई 100 फीट हाइ रखकर 50 फीट के ऊपर का पानी बरसात के दिनों में 6 फीट के 6 पाइपों द्वारा सीधा पानी धन्ता नदी के रपट पर लाकर 4 पाइप जोड़े जावे और 2 पाइप वास्तानजी नदी में डालने की मांग रखी गई थी जो धांता बांध से नदी द्वारा पाडिव बांध में सीधा पानी पहुंचे। पाडिव बांध ओडा  बांध तक सीधा पानी बिना खर्च के पहुंचेगा व आन्नगोर बांध का ओवरफ्लो जावाल नदी में जाने से नदी के किनारे वाले सारे गावो में कुएं रिचार्ज हो जाएंगे। जिससे किसानों के कुओं में पानी की समस्या हल होगी वह सिरोही शहर हेतु आन्नगोर ब धन्ता बांध पीने के पानी का मुख्य स्रोत हे मगर बांध का कार्य चालू है मगर उपयुक्त योजना के अनुसार शेष कार्य पानी लाने का सर्वे कराकर कार्यवाही कर संबंधित अधिकारियों ब राजस्थान सरकार को भेज कर कार्य तुरंत चालू करवाने का कष्ट करावे ताकि बांध के ओवरफ्लो का पानी गुजरात जाने से रोका जा सके।चौधरी ने यह भी बताया कि सूखा प्रभावित एवं पानी की भयंकर समस्या से हमेशा से ग्रसित सिरोही क्षेत्र के लिए माही नदी जल बंटवारा एग्रीमेंट राजस्थान व गुजरात सरकार के बीच दिनांक 10 एक 1966 को हुआ जिसमें दो बांध बांसवाड़ा में माही बांध तथा गुजरात बॉर्डर पर गुजरात में कडाणा बांध बाबत इस शर्त पर निर्माण की सहमति बनी थी कि भविष्य में कडाणा से गुजरात में माही क्षेत्र खेड़ा जिला में जब नर्मदा आ जाएगी तब कडाणा बांध का एक भाग राजस्थान को दिया जाएगा।चूंकि आरटीआई से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर कडाणा बांध माही जल पर राजस्थान का 2 बटा 3 हक प्रमाणित होता है तथा वर्ष 1984 से 2020 तक तकरीबन 37 वर्ष में 27 बार कडाणा बांध की खाड़ी में बह गया, जो प्रत्यक्ष रूप से पश्चिमी राजस्थान जहां पानी की भयंकर कमी है। राजस्थान के जल संसाधन अधिकारियों के दल ने गुजरात में माही एवं नर्मदा जल के उपयोग हेतु निरीक्षण दिनांक 23 मार्च 2015 को किया एवं अपने रिपोर्ट निष्कर्ष सहित राजस्थान सरकार को दिनांक 19 6 2015 को प्रेषित की जिसके अनुसार तथा श्रीमान दीपक कुमार दोषी एक्सपर्ट मेंबर की रिपोर्ट दिनांक 15 3 2018 के अनुसार गुजरात सरकार ने कडाणा बांध से जो सुजलाम सुफलाम नहर 337 किलोमीटर उत्तरी गुजरात हेतु बनाई है जो राजस्थान बॉर्डर से मात्र 15 किलोमीटर दूर है जो खोसला कमेटी एवं समझौता के कडाणा बांध से राजस्थान हेतु प्रस्तावित हाई लेवल कनोल के समरूपी है एवं नर्मदा जल से 25 मीटर ऊंचाई तक हमेशा सूखे से प्रभावित रहने वाले क्षेत्र जालौर सिरोही को गुरुत्व प्रभाव से जल उपलब्ध करवाने में सक्षम है।पता जांच रिपोर्टों के अनुसार प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार सुजलाम सुफलाम नहर को राजस्थान बॉर्डर की तरफ 15 किमी बढ़ाकर पानी की पहनकर कमी वाले क्षेत्र जालौर सिरोही को समझो के पैरा संख्या 1 की पालना में नर्मदा जल से 25 मीटर ऊंचाई तक गुरुत्व प्रवाह से पेयजल एवं सिंचाई हेतु उपलब्ध करवाने की कार्यवाही कर क्षेत्र को लाभान्वित करें।चौधरी ने बताया कि सिरोही के कालकाजी तालाब में साही बांध या अन्य बांध का पानी लाकर कालकाजी तालाब को भरा जाए ताकि सिरोही में पानी की समस्या को कुछ हद तक हल किया जा सके।

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