भाजयूमो ने वृक्षारोपण कर पंडित दीनदयाल जी की जयंती बनाई ।

आबूरोड , राजस्थान

V24 NEWS न्यूज नेटवर्क,

आज भाजपा युवा मोर्चा नगर मंडल ने युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष दिपेश अग्रवाल की अध्यक्षता में एवम नगरपालिका अध्यक्ष मगन दान चारण, मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र संभरिया वरिष्ठ भाजपाई एवम जनसंघ के भोपाल सिंह जी,गणेश जी एवम सांतपुर बूथ अध्यक्ष अमर सिंह जी के सानिध्य में *जनसंघ के संस्थापक पंडित दीनदयाल* जी की जयंती नवलेश्वर महादेव धर्मशाला नया खेड़ा में मनाई।सर्वप्रथम दीनदयाल जी की प्रतिमा पर पुष्प एवम माला चढ़ाकर उनको श्रदांजलि देकर कार्यक्रम की शुरुआत की।युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष दिपेश अग्रवाल ने उनकी जीवनी पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पंडित दीनदयाल जी का जन्म 25 सिंतबर 1916 में मथुरा जिले के नगला चंद्रभान गाँव मे हुआ था,इन्होंने देश मे ‘एकात्म मानववाद’ एवम ‘अंत्योदय’ नामक विचारधारा दी।वरिष्ठ भाजपाई भोपाल सिंह जी ने बताया कि अल्प आयु में ही इनके अभिभावक माता व पिताजी का देहांत हो गया था।1951 में जनसंघ की स्थापना हुई,जिसके अध्यक्ष श्यामा प्रसाद मुखेर्जी एवम दीनदयाल जी इसके महामंत्री बने,वे 1967 तक जनसंघ के महामंत्री रहे दिसंबर 1967 में पंडित दीनदयाल जी को जनसंघ के अध्यक्ष निर्वाचित किया गया।मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र संभरिया ने बताया की पंडित दीनदयाल जी उच्च कोटि के पत्रकार,राजनीतिक चिंतक एवम संगठनकर्ता थे।दीनदयाल जी 44 दिन तक जनसंघ के अध्यक्ष रहे और फिर राजनीतिक साजिश के तहत उनकी हत्या कर दी।

नगरपालिका अध्यक्ष मगन दान चरण ने बताया केंद्र सरकार की वित्तीय समावेशन की योजना आज समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही है तो वह पंडित जी के अंत्योदय का ही उदाहरण है. पं. दीनदयाल जी के विचारों का ही प्रभाव है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘दीनदयाल अंत्योदय योजना’ की शुरुआत की जो आज ग्रामीण भारत की एक नई क्रांति बन चुकी हैवरिष्ठ गणेश जी(कुमार) ने बताया कि जनसंघ से भाजपा के उदय तक पार्टी ने विपक्ष से राजनीति के मजबूत विकल्प का सफर तय किया है तो उसकी नींव डालने वाले व्यक्तित्व थे पंडित दीनदयाल उपाध्याय. उन्होंने संगठन आधारित राजनीतिक दल का एक पर्याय देश में खड़ा किया. उसी का परिणाम है कि भारतीय जनसंघ से लेकर के भारतीय जनता पार्टी तक संगठन आधारित राजनीतिक दल अपनी अलग पहचान रखता है.बूथ अध्यक्ष अमर सिंह ने बताया डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी कहते थे, अगर मेरे पास एक दो और दीनदयाल हों तो मैं हिंदुस्तान की राजनीति का चरित्र बदल सकता हूं. दरअसल पं. दीनदयाल उपाध्याय ने कांग्रेस के विकल्प के तौर कार्यकर्ता के निर्माण पर जोर दिया. उनका उद्देश्य ऐसे राजनीतिक कार्यकर्ताओं की एक नई श्रेणी तैयार करना था जिसका एक स्वतंत्र चिंतन हो, राष्ट्रभक्ति से प्रेरित हो और राष्ट्र-समाज को समर्पित हो. उन्होंने अपनी पूरी शक्ति संगठन को वैचारिक अधिष्ठान देने, कार्यकर्ता के निर्माण और संगठन के विस्तार में लगा दी. आज संघ और भाजपा जिस मुकाम पर है उस विचार की नींव पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने ही डाली थी.इस दौरान युवा मोर्चा के सभी नवनियुक्त पदाधिकारीयो को दुपट्टा पहनकर स्वागत किया।इस दौरान मंडल अध्यक्ष मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र संभरिया, मंडल महामंत्री गणेश आचार्य,दिनेश सेन,अजय वाला,नगरपालिका उपाध्यक्ष रवि शर्मा,भाजयूमो अध्यक्ष दिपेश अग्रवाल, महामंत्री जिगर आचार्य,वरिष्ठ उपाध्यक्ष तपेश सेन,उपाध्यक्ष कनक सिंह,हितेश सैनी,मंडल मंत्री महेंद्र सिंह चिंटू,तुलसी माली,शैलेंद्र लोधी,राजेश परिहार,कोषाध्यक्ष संजय बंजारा,पार्षद प्रतिनिधि आकाश माली,देवीलाल जी राव,भुर सिंह,अभय सिंह, विशाल आचार्य,रघुनाथ सोलंकी, आदि मौजूद रहे

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