सिरोही V24 न्यूज/ हरीश दवे ;

जिला उपभोक्ता आयोग ने दिलाया न्याय ,

अपने उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा के लिए आयोग सजग,त्वरित फैसला:-रोहित खत्री ,
जिला उपभोक्ता आयोग ने पर्ची के विपरीत दवाई देने पर मेडिकल स्टोर पर 50 हजार रूपए का ठोका हर्जाना ।
सिरोही (हरीश दवे)

जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष मलारखान मंगलिया, सदस्य रोहित खत्री व सदस्या उज्जवल सांखला ने परिवादी मोहम्मद आसिफ अंसारी को अप्रार्थी जी.एच.आर.सी मेडीकल स्टोर माउण्ट आबू नेे डॉक्टर की पर्ची में लिखी दवाई के विपरीत दवाई देकर घोर लापरवाही व सेवादोष कारित करने पर मानसिक व शारीरिक पीडा हर्जाना 50 हजार रूपये व परिवाद खर्चा 10 हजार रूपये अदा करने का आदेश दिया।
जानकारी केे अनुसार परिवादी के पेट दर्द होने पर जे.वाटूमल ग्लोबल अस्पताल व अनुसंधान केन्द्र माउण्ट आबू में यूरोलोजी डॉक्टर ब्रजेश सिंघल से चेकअप करवाई। चेकअप के बाद परिवादी को एक्सरे व जांच करवाने का कहा। डॉक्टर ने जांचो को देखकर पेट में पतरी होनो बताया। जिस पर डॉक्टर ने Alkamax MB-6 SIP, FEB UMAC 40MG TABLET & FLOTRAL 10MG दवाईया लिखकर दी। परिवादी ने अप्रार्थी जी.एच.आर.सी मेडिकल स्टोर से पर्ची में लिखी दवाईयां ली। अप्रार्थी ने FLOTRAL 10MG TABLET की जगह FOLITRAX 10MG TABLET दी गई। परिवादी ने डॉक्टर के द्वारा लिखी पर्ची में बताए अनुसार प्रतिदिन एक गोली ली। परिवादी के अत्यधिक कष्टदायक पेट दर्द होने पर महात्मा गांधी अस्पताल जोधपुर में डॉक्टर साबिर अली को दिखाया। उन्होने दवाई FOLITRAX 10MG TABLET के कारण एबडोमन व लीवर पर गम्भीर असर पडने की बात बताई और तुरंत दवाई लेना बंद करने की सलाह दी। डॉक्टर ने बताया कि FOLITRAX 10MG TABLET की मात्रा में कैंसर के अंतिम स्टेज पर सप्ताह में एक बार एवं कैंसर की प्रारंभिक स्टेज पर उक्त दवाई 0.5 एमजी की मात्रा मे प्रति सप्ताह दी जाती है। परिवादी ने अप्रार्थी पर विश्वास कर उक्त दवाई ली जिससे परिवादी के शरीर पर विपरीत प्रभाव पडा और शारीरिक व मानसिक पीडा झेलनी पडी। अप्रार्थी ने मानवीय स्वाभाविक व सदभाविक भूल माना है अप्रार्थी द्वारा उक्त भूल दोनों दवाईयों की मिलती जुलती स्पेलिंग होने के कारण हुई थी।
आयोग ने माना कि परिवादी मोहम्मद आसिफ अंसारी को अप्रार्थी जी.एच.आर.सी मेडीकल स्टोर ने डॉक्टर की पर्ची में लिखी दवाई के विपरीत दवाई देकर घोर लापरवाही व सेवादोष किया है। जिस पर परिवादी को अप्रार्थी ईलाज खर्च राशि 3 हजार 4 सौ 82 रूपए, मानसिक व शारीरिक पीडा हर्जाना 50 हजार रूपए व परिवाद खर्चा 10 हजार रूपए अदा करने का आदेश दिया। उक्त राशि 45 दिनों में अदा नही करने पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर से वसूल किये जाएगे।

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