सिरोही V24 न्यूज/ (हरीश दवे) ;
राजीव गांधी ग्रामीण ओलम्पिक खेल प्रतियोगिता का प्रभारी मंत्री के आतिथ्य में हुआ शुभारम्भ ।
भारत के राष्ट्रीय खेल हाॅकी के जादूगर मेजर ध्यानचन्द के 117वें जन्म दिवस राष्ट्रीय खेल दिवस पर राजस्थान राज्य में राजीव गांधी ग्रामीण ओलम्पिक खेलों का शुभारम्भ किया गया। इस अवसर पर सिरोही जिले के प्रभारी मंत्री महेन्द्र चैधरी ने निकटवर्ती खाम्बल ग्राम में इस प्रतियोगिता का उदघाटन किया एवं इस अवसर पर सबको सम्बोधित करते हुए कहा कि राजस्थान में आज से ही राजीव गांधी ग्रामीण ओलंपिक खेलों का शुभारंभ हो रहा है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा हिट राजस्थान फिट राजस्थान की संकल्पना के साथ जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम के इनडोर हॉल में इन खेलों के शुभंकर शेरू का अनावरण कर थीम सांग जारी किया गया है। इन खेलों में किसान परिवारों से जुड़े युवा, महिलाएं और बुजुर्ग खिलाडियों सहित करीब 30 लाख खिलाड़ी भाग लेंगे।ग्रामीण ओलंपिक के लिए 40 करोड़ रुपये का बजट जारीउन्होंने बताया कि राजीव गांधी ग्रामीण ओलंपिक खेलों के लिए राजस्थान सरकार ने 40 करोड़ रुपये का बजट जारी किया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने घोषणा करते हुए कहा कि इन खेलों में सभी आयु वर्ग के करीब 30 लाख खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। राजीव गांधी ग्रामीण ओलंपिक खेलों के आयोजन का मुख्य उद्देश्य राज्य के प्रतिभावान खिलाडियों की पहचान कर इन्हे आगे लाना एवं खिलाडियों को प्रोत्साहित करना है। इन खेलों से गांवों में आपसी खेल भावना के जरिए सद्भाव बढ़ेगा।बुजुर्ग और महिलाओं ने भी कई खेलों में पंजीकरण करवाया हैउन्होंने सम्बोधित करते हुए कहा कि राजीव गांधी ग्रामीण ओलंपिक खेलों में सभी आयु वर्ग के लोगों को खेलों में भाग लेने की छूट दी गई है। खेल शुभंकर के अनावरण समारोह में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि ग्रामीण ओलंपिक खेलों के आयोजन से उत्साहित होकर बड़ी संख्या में महिलाओं और बुजुर्गों ने भी पंजीयन कराया है। इससे खेलों के प्रति बेहतर माहौल बन रहा है। इन खेलों के आयोजन के लिए पंचायत स्तर पर खेल मैदान तैयार करवाए जा रहे हैं। खिलाडियों को सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। प्रदेश में एक नई खेल संस्कृति का निर्माण हो रहा है। राजीव गांधी ग्रामीण ओलंपिक खेलों के आयोजन में जिन छह खेलों को शामिल किया गया है उनमें बालक एवं बालिका वर्ग की कबड्डी, बालक वर्ग की शूटिंग बॉल, बालिका वर्ग की खो-खो, बालक और बालिका वर्ग की वॉलीबॉल, बालकध बालिका वर्ग की टेनिसबॉल क्रिकेट, एवं बालक एवं बालिका वर्ग की हॉकी सहित 6 खेल शामिल किए गए हैं। इन खेलों का आयोजन आज से एक सितंबर तक पंचायत स्तर पर, 12 से 15 सितंबर तक ब्लाॅक स्तर पर एवं 22 सितंबर से 25 सितंबर तक जिला और 2 अक्टूबर से 5 अक्टूबर तक राज्य स्तर पर होगा। राजीव गांधी ग्रामीण ओलंपिक खेलों का कोर्डिनेशन खेल विभाग, ग्रामीण विकास एवं पंचायतराज विभाग, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय जिला प्रशासन करेंगे। में यहाँ के नोडल अफसर से कहना चाहूंगा कि किसी भी प्रितिभागी खिलाड़ी को समस्या नहीं आवे ,अगर समस्या आवे तो आप मेरे नंबर पर मुझे कभी भी कॉल कर सकते हैंइन खेलों से राजस्थान के खिलाडियों को करोड़ों रुपये मिलेंगे।उन्होेने कहा कि प्रदेश की सरकार ने ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, एशियाड सहित नेशनल और इंटरनेशनल खेलों में मेडल जीतने वाले प्रदेश के खिलाडियों को जो प्रोत्साहिन में भारी वृद्धि की भी घोषणा की है। राज्य सरकार द्वारा अब स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी को 75 लाख रुपये बढ़ा कर 3 करोड़ रुपये, रजत पदक विजेता को 50 लाख रुपये से बढ़ा कर 2 करोड़ रुपये और कांस्य पदक विजेता को 30 लाख रुपये से बढ़ा कर 1 करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं। इसके अलावा एशियाई और कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल, रजत और कांस्य पदक जीतने पर दी जाने वाली ईनाम की राशि 30 लाख, 20 लाख और 10 लाख रुपये को बढ़ा कर क्रमशः 1 करोड़, 60 लाख और 30 लाख कर दी गई है। सरकार की ओर से इन खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 229 खिलाडियों को आउट ऑफ टर्न पॉलिसी के तहत सरकारी नौकरी दी गई है। प्रशिक्षकों के लिए भी पेंशन स्कीम लागू की गई है। खिलाडियों के लिए सरकारी नौकरियों में 2 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। इन्हे डीएसपी स्तर तक की नौकरियां दी जा रही हैं। इससे खिलाडियों व प्रशिक्षकों का कैरियर सुरक्षित हुआ है। आशा है कि आप सभी हिट राजस्थान फिट राजस्थान की संकल्पना के साथ इन खेलों का पूरा आनन्द लेंगे ओर राज्य सरकार के महती योजनाओं के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेंगे ।
इस अवसर पर जिला प्रमुख अर्जुनराम पुरोहित ने कहा कि आज का दिन राजस्थान इतिहास रच रहा है, खेल के इस महाकुभं के अन्तर्गत हर आयु वर्ग का व्यक्ति दिखा रहा है, अपने खेल की प्रतिभा को। उन्होंने कहा कि गांव-गांव, ढाणी-ढाणी खेलो की अलख जगाने एवं ग्रामीणों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पद्र्धा, भाई चारा, आपसी प्रेम , सदभावना एवं सहयोग का माहौल तैयार करने के उद्देश्य से राजीव गांधी ग्रामीण ओलपिंक खेलों का आगाज हुआ है। यह संभवतः दुनिया के सबसे बडे खेल आयोजनों में से एक है। उन्होंने कहा कि पंजीकरण में अपना जिला अव्वल रहा है। इस अवसर पर अतिथ्यिों का हुआ स्वागत इस अवसर पर प्रभारी मंत्री महेन्द्र चोधरी, जिला प्रमुख अर्जुनराम पुरोहित, जिला कलेक्टर डाॅ भंवरलाल, पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता, सीईओ डाॅ टी शुभमंगला, एसीईओ प्रमोद दवे, उपखण्ड अधिकारी रमेशचन्द्र बहेडिया, विकास अधिकारी रवि प्रकाश, पंचायत समिति सिरोही प्रधान हंसमुख मेघवाल, तहसीलदार सुनिता चारण, खाम्बल सरपंच मनोहर कंवर, जावाल नगर पालिका अध्यक्ष कानाराम, मेर मांडवाडा सरपंच गुमानसिंह, जयंतीलाल माली सहित समस्त अतिथियों का खेल स्टेडियम के मुख्य द्वार पर सजी-धजी बालिकाओं ने सामैया कर, आरती उतारकर स्वागत किया। समस्त अतिथि प्रतियोगिता समिति के सदस्यों, निर्णायकों एवं प्रतिनियुक्त कार्मिकों से मिलने के पश्चात् मंच पर आये जहां उनका साफा, माला एवं स्मृति चिह्न से सम्मान किया गया। कार्यक्रम का प्रतिवेदन पीईईओ एवं प्रधानाचार्य राउमावि खाम्बल ने प्रस्तुत कर प्रतियोगिता में आयोज्य खेलों, भाग लेने वाले खिलाडियों की विस्तृत जानकारी दी एवं कार्यक्रम में सहयोग देने वाले भामाशाहों का भी आभार व्यक्त किया। स्थानीय बालिकाओं ने मेहमानों के स्वागत में सुन्दर नृत्य प्रस्तुत किये एवं उसके बाद प्रभारी मंत्री ने खेल ध्वज फहाराया, मार्च पास्ट की सलामी ली, खिलाडियो ने खेल भावना से खेल खेलने की शपथ ली।इस अवसर पर जिला कलेक्टर डाॅ भंवरलाल ने भामाशाहों को प्रेरित कर जिले की 5 पंचायत समितियों की 25 ग्राम पंचायतों के लिए हाॅकी स्टीक्स एवं गोल कीपर सैट प्रदान करवाये जिससे 25 ग्राम पंचायतों के खिलाडियों को भारत का राष्ट्रीय खेल खेलने का अवसर मिलेगा।कार्यक्रम के अन्त में अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रमोद कुमार दवे ने सभी का आभार व्यक्त किया। सीडीईओ सुभाष महलावत, डीईओ गंगा कलावन्त, सीबीईओ हीरालाल माली, एसीबीईओ आनन्दराज आर्य, जिला खेल अधिकारी अशोक चोधरी, समस्त विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी, पुलिस अधिकारी, पंचायतराज विभाग के कार्मिक, शेतानसिंह, अर्जुनराम, भूराराम मेघवाल, पीराराम देवासी, जब्बरसिंह, पूर्व सरपंच डूंगाराम सहित सैकडों की तादाद में ग्रामवासी उपस्थित रहे।
