पिंडवाड़ा /झाड़ोली V24 न्यूज,

पिंडवाड़ा के समीपवर्ती झाडोली गांव के संस्कृत स्कूल के पास मैदान में लंपी वायरस से संक्रमित और स्वस्थ गायों के रखाव हेतु स्थानीय गौ भक्तो और समाजसेवी व भामाशाहों की मदद से लंपी वायरस से बचाव हेतु संस्कृत स्कूल के मैदान में निस्वार्थ भाव से कई दिनों से सेवा दी जा रही थी । गौ भक्तों द्वारा समाजसेवियों और ग्रामीणों एवम स्थानीय प्रशासन के सहयोग से स्कूल मैदान में संक्रमित और स्वस्थ गायों के लिए बाड़े बनाए गए थे। और दिनरात गौ भक्त मैदान मे सेवा दे रहे थे और समाजसेवी संगठनों की मदद से दवाइयां उपलब्ध करवाकर राजकीय पशु चिकित्सक के परामर्श अनुसार इलाज कर रहे थे जिसके फलस्वरूप गायों के संक्रमण मे कमी आई थी ।

गौ भक्तो ने जानकारी देते हुए बताया ,

विडंबना की बात है कि 16 अगस्त को किसी अज्ञात ने संस्कृत स्कूल के मैदान में घुसकर गायों के लिए बनाए गए बाड़े को तोडा और गेट पर लगे ताले को भी तोड़ डाला । जिसके कारण मैदान में रखा गौ वंश मैदान से बाहर सड़क मार्ग पर बाहर आ गया और खुले में घूमने लगा । पुरी घटना से गौ भक्त आहत हो गए और मौके पर पहुंचकर जायजा लिया एवम पंचायत स्तर पर कार्यवाही करने की बात करने का फैसला लिया ।

अब देखना यह होगा कि स्थानीय पंचायत प्रशासन अज्ञात असामाजिक तत्वों के विरुद्ध क्या कार्यवाही करता है और गांव में लंपी वायरस से बचाव के हेतु गौ वंश के लिए क्या कदम उठाता है।

आपको बता दे कि प्रदेश में लंपी वायरस से बचाव हेतु सरकार द्वारा भी कई कदम उठाए जा रहे है । जिसके बावजूद भी कई गौ वंश की जान गवां चुके है । और गौ वश के बचाव हेतु गौ भक्त दिन रात सेवा में लगे हुए है ।

गौ सेवा में लगे गौ भक्त ने घटना की जानकारी देते हुए बताया ,

मैं आपको पूरी घटना बता देता हूं दोपहर में 3:00 बजे करीब हम घर आए हैं उसके बाद किसी अज्ञात व्यक्ति ने बाड़े के गेट को खोल दिया जिसमें संक्रमित बंद थी । दूसरी ओर अच्छी गाय स्कूल परिसर में चारा खा रही थी । मैं अपने दुकान पर था अचानक मुझे विचार आया मैंने ओम जी प्रजापत नई झाडोली को फोन किया और उनसे कहा आप देखकर आओ एक बार की गाय अच्छी तरह तो है वे ओम जी और दिनेश भाई टैंकर वाले दोनों पहुंचे शाम को करीब 7:00 बजे थे उनका काल आया की आप जल्दी आओ यहा किसी ने बाड़ा खोल दिया है तब मैंने नरेन्द्र सिंह जी को बुलाया और परबत सिंह जी और मुरली शंकर जी और अजयपाल जी को काल करके बुलाया अजयपाल जी किसी कारण नही आ पाये हमने जायजा लिया और निर्णय लिया की कल पंचायत मे इसका फैशला लेंगे । उसके बाद श्रवण भाई माली का काल आया की एक बछड़ा गंभीर अवस्था मे ट्रांसपोर्ट एरिया मे पड़ा है आप आओ हम दवाई ले गये लेकिन देखा की कुत्ते ने उसे काट लिया है तो उसे स्कूल ले आये तब मैंने खुद गेट पे ताला लगाया था करीब 9:00 बजे के करीब फिर मे खाना खा के गाव मे आया चबूतरे के पास श्रवण भाई बाइक से आ रहे थे उन्हीने बोला चल एक बार बछड़े को देख के आते है एक तरफ राजेंद्र जी आ गये तो हम तीनो गये तो मानसिंह जी की दुकानों के आस पास गाये आ रही थी हमने बाइक तेज़ की और स्कूल पहुचे तो देखा की गेट खुला पड़ा है अंदर जाके ढूढा कोई नही मिला गेट का ताला भी गायब था । हताश होकर बाज़ार मे लौट आये की नरेन्द्र सिंह जी महेन्द्र भाई सुथार मिले फिर राउंड लगाने गये तो देखा हिम्मत लाल जी सर के बहार एक बछड़े को कुत्ते नोच रहे थे हमने जैसे तैसे छुड़वा कर उसे उठा कर चलाया और गायों के पास छोड़ दिया ।

अब देखना यह होगा कि स्थानीय पंचायत प्रशासन गांव में लंपी से बचाव के लिए गायों के लिए क्या सुविधाएं उपलब्ध करवाता है ?

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