सिरोही,राजस्थान।
जावाल में बढ़ते अतिक्रमण को लेकर सौंपा ज्ञापन, सुरेश बोराणा ने उठाई ग्रामीणों की आवाज
बस स्टैंड से हरजी चौराहे तक पक्के निर्माण, रास्ता संकरा – महिलाओं के लिए नहीं है सार्वजनिक सुविधा
ग्राम पंचायत जावाल में मंगलवार को आयोजित पं. दीनदयाल उपाध्याय सेवा शिविर के दौरान अवैध अतिक्रमण का मुद्दा प्रमुखता से उठा। गांव के नागरिक सुरेश बोराणा ने ग्रामीणों के साथ मिलकर सांसद लुंबाराम चौधरी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में गांव की सड़कों, सार्वजनिक सुविधाओं और अतिक्रमण से उपजी अव्यवस्था पर विस्तार से जानकारी दी गई।
ग्रामीणों ने बताया कि बस स्टैंड से हरजी चौराहे तक सड़क के दोनों ओर अस्थायी केबिन, दुकानें और कई जगह पक्के निर्माण कर लिए गए हैं। इससे न केवल रास्ता संकरा हो गया है बल्कि दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित चलना मुश्किल हो गया है।
ज्ञापन में बताया गया कि पूर्व में मुख्य बस स्टैंड पर एक सामुदायिक मूत्रालय था, जो अब अतिक्रमण की चपेट में आ चुका है। इससे गांव में आने वाली महिलाओं को शौच के लिए खुले स्थान या इधर-उधर जाना पड़ता है। यह स्थिति न केवल शर्मनाक है बल्कि स्वास्थ्य और सुरक्षा दोनों के लिए खतरनाक है।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि पीडब्ल्यूडी द्वारा सड़क किनारे डाली गई मिट्टी महीनों से वैसे की वैसे पड़ी है। बरसात के मौसम में यही मिट्टी फिसलन और कीचड़ का कारण बनती है, जिससे राहगीरों और दुकानदारों को भारी दिक्कत होती है। व्यापार भी प्रभावित हो रहा है क्योंकि ग्राहक रास्ते की स्थिति देखकर रुकने से कतराते हैं।
सुरेश बोराणा ने सांसद को अवगत कराया कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई है। उन्होंने निवेदन किया कि इस पर तुरंत ध्यान दिया जाए और अतिक्रमण हटाकर आमजन के लिए मूलभूत सुविधाएं बहाल की जाएं।
सांसद लुंबाराम चौधरी ने ज्ञापन प्राप्त करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव में बढ़ते अतिक्रमण पर कार्रवाई की जाए और सड़कों व सार्वजनिक स्थानों को मुक्त कराया जाए। साथ ही महिलाओं के लिए मूत्रालय की सुविधा शीघ्र बहाल करने की दिशा में भी कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
तहसीलदार ने भी मौके पर मौजूद रहकर आश्वासन दिया कि अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी और जिन स्थानों की शिकायत मिली है, वहां स्थलीय निरीक्षण कर कार्रवाई होगी।
ग्रामीणों ने चेताया कि यदि शीघ्र अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।

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रिपोर्ट: Sunil Singhania