V24 NEWS CHANNEL (मुंबई, महाराष्ट्र) ,
शरणागति मार्ग का संदेश दिया कान्हा ने- प्रज्ञानानंद सरस्वती जी
पूर्व मंत्री मनसे नेता बाला नांदगावकर ने गुरुदेव के हाथो अपने निवास पर करवाई पूजा
मुंबई।
काला चौकी के दिपक ज्योति टॉवर मे चातुर्मास बिराजे परम् पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य श्रीं प्रज्ञानानंद सरस्वती जी महाराज ने सोमवार शाम को भगवान श्रीं कृष्णा जन्माष्टमी के उपलक्ष मे भक्तो को अपने प्रवचन मे कहा की श्रींकृष्ण ने न सिर्फ अर्जुन को मुश्किल वक़्त मे धर्म की राह दिखाई बल्कि पुरे संसार को यह बताया कि अगर जीवन कही भी,कभी भी, किसी भी तरह का संशय मे हो तो हमें क्या करना चाहिए। आगे बताया कि सबमे मुझे देखो, मुझे पा लो, यह कृष्ण जी कहते है.श्रीं कृष्ण सभी आकर्षणो से ज्यादा आकर्षक है। वह हमारे भीतर है उन्हें आकर्षक होना ही है श्रीं कृष्ण ने कुदरत से प्रेम का मंत्र दिया.श्रीं कृष्ण से हमें अहम सीख मिलती है कि गोवर्धन रूपी प्रकृति का यज्ञ करो। प्रकृति माता कि पूजा करो, पेड़ो को काटो नहीं उनका पोषण करो। आज लोगो को चाहिए शांति और समाज को चाहिए क्रांति। कृष्ण कि लीलाओ मे यह क्षमता है कि हमें शांति और क्रांति दोनों दे सके। आगे उन्होंने बताया कि हमें श्रीं कृष्ण से प्रेरित सर्वजन हिताय गौ(वित्त), ब्राह्मण (विद्या) और गोवर्धन(वातावरण,प्रकृति)कि पूजा के माध्यम से समाज की परेशानियों को दूर करने का मार्गदर्शक मिलता है। जन्माष्टमी के अवसर पावन अवसर पर जैसे ही 12 बजे और कृष्ण भगवान का अवतरण हुआ उसके बाद उपस्थित भक्तो ने हाथी घोड़ा पालकी,,,जय कन्हैया लाल की,,,नंद के घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की के जयकारों से पुरा पंडाल गुंजायमान हो गया। अवतरण के बाद सभी ने आरती कर प्रसादी का आनंद लिया। मनसे नेता पूर्व मंत्री बाला नांदगावकर ने शंकराचार्य प्रज्ञानानंद सरस्वती के हाथो अपने निवास पर रुद्राभिषेक की पूजा करवाकर लिया आशीर्वाद इसी क्रम मे प्रतिदिन गुरुदेव के सानिध्य मे पूजा का कार्यक्रम चल रहा है।जन्माष्टमी के दौरान समाजसेवी गणपत कोठारी,नरेश सेन गुलाबगंज,संदीप सब्ज़ीवाला,मनीष,परेश रावल हालीवाड़ा,समाजसेवी दिगेश रावल असावा,दियांश रावल, महेश रावल असावा, विजयपाल सिंह,श्रीमती गीता देवी टेलर सिणधरी, श्रीमती शांति देवी राजपुरोहित थावला,राजू रावल,जीवाराम रावल,तेजाराम पुरोहित सरतरा,लक्ष्मण पुरोहित कालद्री,रविराज पुरोहित, वाली, राहुल पुरोहित पाडीव समेत सैकड़ो गणमान्य मौजूद थे।

