क्या चुनावी वर्ष में आयुक्त सुशील पुरोहित सिरोही नगर परिषद को लाएंगे विकास की पटरी पे?

सिरोही नगर की जनता अस्थायी अतिक्रमन,आवारा पशुओं व सीवरेज के अनियोजित कार्यो से त्रस्त ,

हर क्षेत्र में करोड़ो का विकास चढ़ रहा भ्रष्टाचार की भेंट।

सिरोही । राजस्थान ,

रिपोर्ट हरीश दवे,

सिरोही नगर पालिका को नगर परिषद बने करीब डेढ़ दशक हो गया पर नगर परिषद में दर्जनों रिक्त पद नही भरे गए न कभी आयुक्त पद का व्यक्ति लगा और इस दौरान लगे कार्य वाहक आयुक्तों के दौर में जो भरस्टाचार की कहानियां लिखी गई उनमें अनेक प्रकरण न्यायालयों में विचाराधीन है वही सीसीटीवी,हाई मास्ट लाइट व भूमि मामलों में दर्ज प्रकरणों का तो एसिडि में भी निस्तारण नही हुआ।मौजूदा विधायक संयम लोढा ने गत विधानसभा चुनावों में भाजपा के पॉवर फूल ओबीसी मन्त्री ओटाराम देवासी को चुनावो में पटखनी दी और नगर परिषद के चुनावों में तीन दशक से भाजपा बोर्ड की चौधराहट को ध्वस्त कर सिरोही नगर परिषद में सभापति महेंद्र मेवाड़ा की कमान में कोंग्रेस का बोर्ड बनाया पर इस बोर्ड ने तो गत भाजपा बोर्डो के कारनामे भी अपने कृत्यों से ऊंचे कर दिए।जिसका परिणाम है की निर्दलीय विधायक संयम लोढा के करवाये विकास कार्यो पर भी यह कोंग्रेस बोर्ड ग्रहण लगा रहा है।

सिरोही नगर परिषद में पूर्व आयुक्त लाल सिंह राणावत अपनी कार्य शैली से काफी चर्चित रहे वही विधायक लोढा के कार्यकाल में कार्य वाहक आय्युक्त महेंद्र सिंह चौधरी ने भी नायाब पारी खेली ओर वो राजीव नगर,शार्दूल पूरा,सुभाष नगर आवासीय योजना,उसपे अतिक्रमन हटाने व प्रकरणों को हल करने की कोशिश भूमाफियाओं के मध्य करते रहे पर उन्हें भी सफलता नही मिली उनके रिटायर्ड होने के बाद विवादित आयुक्त अनिल झींगोंनिया बने पर पार्षदो व ठेकेदारो से उनकी महफ़िल नही जमी तो वो भी उनके कारणों से एपीओ हो गए तो क्रिकेट प्रतियोगिता को सफल कराने जावाल से अधिशाषी अधिकारी महेंद्र सिंह राजपुरोहित को आयुक्त बनाया वो नगर परिषद का क्रिकेट तमाशा दानदाता व भामाशाहो से करा के पुनः रुखसत हुए और डीएलबी से अभिलाषा सिंह की आयुक्त पद का आदेश हुआ पर सिरोही की सरजमी पे आयुक्त अभिलाषा ने ज्वॉइन नही किया तो कोंग्रेस पार्षदो व ठेकेदारो की पसंद शांत, संयत राजस्व अधिकारी सुशील पुरोहित को आयुक्त पद विधायक संयम लोढा के प्रभाव में मिला।

पर देखने वाली बात यह है की आयुक्त सुशील पुरोहित सिरोही नगर परिषद प्रशासन के बिगड़े ढांचे को दुरस्त करने में सीएम सलाहकार विधायक संयम लोढा के अरमानों पर खरा उतरेंगे।या प्रभाव शाली ठेकेदार,पार्षद ठेकेदार, राजनीतिक ठेकेदार व नगर मित्रों को ही जनता समझ नगर का विकास करवाएंगे इस पर जनता की नजर है।।

सिरोही नगर परिषद की जनता राजस्थान के अव्वल विधायक व सक्षम सभापती व मजबूत बोर्ड के होते हुए भी हर क्षेत्र में त्रस्त है व नागरिक अधिकारों का जबरदस्त हनन हो रहा है।पूरे नगर में भूमाफिया,विकास कार्यो को प्रभावित करने वाले ठेकेदारो,सफाई व्यवस्था को छिन्न भिन्न कर अवाम को आवागमन,चलने फिरने,अवेद्ध पार्किंग,रास्ते व सड़क पे दुकानदारी,नियमो के विपरीत बहु मंजिला निर्माण कार्य,शहरी नरेगा में फर्जी वाड़ा व नियमो के विपरीत कलर खरीदी,सीवरेज कार्य मे मोनिटरिंग का अभाव व पूरी सिटी के खड्डडो व नालियों की स्तिथि,बारिश में जगह जगह जल भराव,बावड़ियों व तालाबो पे करोड़ो के विकास जल आवक मार्ग बंद,झोप नाले को खत्म करने की नगर परिषद व भूमाफियाओं की साजिश व जगह जगह अवेद्ध सरकारी,बिलानाम भूमि के निर्माण कार्यो व नगर में करोड़ो रूपये का राजस्व हड़प बैठे भूमाफियाओं की अवेद्ध हरकतों पर आयुक्त सुशील पुरोहित अंकुश लगा पाएंगे इसको लेकर सोशल मीडिया में भी जबरदस्त चर्चा है।

आयुक्त सुशील पुरोहित के समक्ष सबसे बड़ी चुनोती राजीव नगर आवासीय योजना है जिसका एससी खातेधारक,नगर परिषद व आवास आवेदन कर्ता ओ के अलग अलग दावे है।शार्दुलपुरा पूरा आवासीय योजना में परिषद ने करोड़ो की भूमि गवाई व सुभाष नगर योगेश्वर सर्वधाम में करोड़ो की भूमि से अतिक्रमन हटवाना,पट्टो की आस में बैठे आवेदकों को पट्टा दिलवाना तथा आम आदमी के जीवन को खतरे में डालने वाली असुरक्षित सड़को से अवेद्ध अतिक्रमन,अवेद्ध पार्किंग व आवारा पशुओं की समस्या से निजात दिलाना।अन्यथा जिला मुख्यालय पर सिरोही नगर परिषद में नाम मात्र के अधिकारी है।जिनके साथ संविदा पे लगे ठेकेदार के कार्मिक है जिन्हें मान देय भी दो तीन महीने में मिलता है पर वो महत्वपूर्ण फाइल हैंडल करते है और मोजूदा नगर परिषद का तँत्र एक हिसाब से संविदा कर्मी, पार्षद ठेकेदार,पट्टा बनवाने वाले नगर मित्र व रिटायर्ड नगर परिषद व तहसील के कार्मिक ही चला रहे है।निर्दलीय विधायक संयम लोढा ने जिस अंदाज में भाजपा बोर्ड की बादशाहत सिरोही नगर में ध्वस्त की ओर सभापती महेंन्द्र मेवाड़ा की ताज पोषी की तो जनता में अहसास जगा था की जिला मुख्यालय पे बदलाव होगा।बदलाव यह हुआ की पैलेस रोड का सुंदरीकरण,डिवाइडर,व फुट पाथ जनता के लिए बना था,बाजार ,धर्म शाला मार्ग,बस स्टैंड, सरजवाव मार्ग आम सड़क व चौराहे जन प्रतिनिधि जनता को चलने फिरने का सुरक्षित अधिकार नही दिला सकते।इन चुनोतियो से निपट आयुक्त सुशील पुरोहित को नगर के आवारा पशुओं,अर्बुदा के भरस्टाचार व सुभाष नगर,राजीव नगर,शार्दुलपुरा के अलावा दूधिया व कालकाजी,निडोरा झोप नाले दूधिया कलकाजो आवक के अतिक्रमणो व अवेद्ध कोलोनोयो पे भी कार्रवाई व राजस्व चोरों से राजस्व उगाही कर नगर परिषद को समृद्ध व राज्य सरकार के महंगाई राहत कैम्पो व प्रशाषन शहरों के संग अभियान को सफल बनाने की रहेगी जिस पर नगर परिषद की कोई मोनिटरिंग नही है।सिर्फ टेंट वाले को फायदा ऐसा जनता का भी मानना है।

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