माउंट आबू, ०८ मई।

भारतीय संस्कृति के संरक्षण को लेकर मीडिया को गंभीर होने की जरूरत – जैसवाल

ग्वालियर आईटीएम युनिवर्सिटी के जर्नलिस्ट मास कम्युनिकेशन प्रमुख डॉ. मनीष कुमार जैसवाल ने कहा कि श्रेष्ठ चरित्र व आचरण भारतीय संस्कृति की महत्वपूर्ण विरासत हैं। जिनके संरक्षण को लेकर मीडिया को गंभीर होने की जरूरत है। जीवन के हर क्षेत्र में मूल्यों में गिरावट अनुभव की जा रही है, उसे देखते हुए मीडियाकर्मियों को आत्मा की आवाज सुनकर समाज को सही दिशा देने के अभियान में ईमानदारी से सहयोग करना चाहिए। यह बात उन्होंने ब्रह्माकुमारी संगठन के ज्ञान सरोवर में चल रहे मीडिया सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कही।उन्होंने कहा कि सामाजिक ढांचे में सकारात्मक बदलाव लाने में मीडियाकर्मियों को निष्ठापूर्वक अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए। मीडियाकर्मियों को संवेदनशील मुद्दों तक पहुंचकर सत्यता के साथ उनका निराकरण करने के लिए संकल्पित होना होगा। डिजिटल मीडिया को दुरुपयोग करने से आंतरिक शक्तियां क्षीण हो जाती हैं। जिससे बचने के लिए राजयोग के अभ्यास से स्वनिहित मूल्यों को जागृत करने की जरूरत है।

केरल कोजिकोड से आई क्रीऐटिव राईटर डॉ. इंदू मेनन ने कहा कि समाज को सत्यमेव जयते की राह पर लाने के लिए मीडिया को सत्यता की तह तक जाना चाहिए। विभिन्न संचार माध्यमों से मीडिया जो खबरें परोस रहा है वह समाज को प्रभावित करता है चाहे वह सकारात्मक हो या फिर नकारात्मक हो। उसका निष्कर्ष हम सभी के सामने है। वसुधैव कुटुम्बकम के सिद्धांत को सामने रखते हुए मूल्यों को प्राथमिकता देने के लिए मीडियाकर्मियों को एकजुट होना होगा। ब्रह्माकुमारी संगठन के कार्यकारी सचिव डॉ. बीके मृत्युजंय ने कहा कि आंतरिक सशक्तिकरण के लिए आध्यात्मिक ज्ञान व राजयोग का अपनी जीवनशैली में समावेश करना जरूरी है। सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव का सदुयोग करने के लिए उसे और अधिक सकारात्मक व उत्तरदायी बनाने की जरूरत है। इंडिया टूडे मास कम्युनिकेशन इस्टीच्युट के डीन एंड डायरेक्टर डॉ. धु्रवा ज्योतिपाति ने कहा कि जनमत बनाने में मीडिया को सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। यह जरूरी है कि समाचार देते समय तथ्यों को प्राथमिकता दी जाए न कि निजी विचारों को। दुनिया में फैले नकारात्मक वातावरण में हम जो सोच रहे हैं उसमें आध्यात्मिकता का समावेश कर मीडिया को सशक्त बनाकर सकारात्मक रूप से जनमत बनाने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। मीडिया प्रभाग की राष्ट्रीय संयोजिका बीके सरला बहन ने कहा कि मीडिया दिशा, दशा व दर्पण का कार्य करता है।सांस्कृतिक विकृतियों व उपभोक्तावाद जैसी बुराईयों से नयी पीढ़ी को बचाने के लिए मीडिया को पहल करनी होगी। भारत की मूल्यवान विरासत, संस्कृति, परंपराओं, आध्यात्मिकता को प्राथमिकता देने से ही समाज व परिवार को सशक्त बनाया जा सकेगा।प्रभाग की क्षेत्रीय संयोजिका बीके विजया बहन ने राजयोग का अभ्यास कराया। ब्रह्माकुमारी संगठन के पीआरओ बीके कोमल ने मंच का संचालन किया।मुंबई से आये अमृत राठौर ने भजन गायन,चंडीगढ से आई सिमोनी ने शिव अनादि है, शिव अनंत है…., बिलासपुर की माही चंद्राकर ने मेरे लिये तो सबसे पहले मेरे भोलेनाथ गीतों पर सुंदर नृत्य प्रस्तुत किये। आगरा से आये अमरचंद ने मीडिया कर्मियों, अतिथि वक्ताओं का आभार जताया।

फोटो, मीडिया सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित करते ग्वालियर आईटीएम युनिवर्सिटी के जर्नलिस्ट मास कम्युनिकेशन प्रमुख डॉ. जैसवाल।

Share.
Leave A Reply