वीर भंवरसिंह राठौड़ के नाम भजन संध्या में ख्यातनाम कलाकारों की प्रस्तुति में भोर होने तक झूमे श्रोता,भजन कलाकार प्रकाश माली के मंच से कथन का सोसल मीडिया में बवाल,गुजरात और राजस्थान के गायक कलाकारों की जुगलबंदी ने समा बांधा, आयोजन में ध्वजारोहण,आरती व प्रसाद में उमड़े भक्त
सिरोही(हरीश दवे),
देवनगरी सिरोही के कालकाजी तालाब की पाल के समीप स्थित वीर भंवरसिंह राठौड़ के 24 वें वार्षिक मेलोत्सव के अवसर पर आयोजित विराट भजन संध्या में गुजरात और राजस्थान के लोकप्रिय भजन एवं लोक गायक कलाकारो आशा वैष्णव, फरीदा मीर, किंजल दवे,गायक प्रकाश माली समेत कई कलाकारों ने आस्था के साथ लोक कला संस्कृति की शानदार जुगलबंदी के साथ समा बांधकर देर रात्रि तक श्रोताओं को भाव विभोर किया।जिसमे क्षेत्रीय विधायक संयम लोढा मध्यरात्रि तक हजारो श्रोताओं की मौजूदगी में भजनों का आनन्द लेते रहे।इस अवसर पर पुलिस प्रशाषन ने यातायात पार्किंग व सुरक्षा के कड़े प्रबन्ध किये थे।बुधवार रात्रि को वीर भवरसिंह राठौड़ के वार्षिक दिवस पर श्रीमती मनोरमा देवी स्व. चंदूभाई भट्ट परिवार की ओर से आयोजित भजन संध्या में भजन गायको ने अपने सुरीले स्वर ताल व रीदम के बेहतरीन तालमेल के साथ प्रभु श्री राम, हनुमान ,कृष्ण, देवी देवताओं, लोक गाथाओं आदि को सुनाकर भक्तो को भक्ति रंग में रंग दिया। इस अवसर पर रघुभाई माली, पूर्व सभापति ताराराम माली,पार्षद सुरेश सगरवंशी, पार्षद गीता पुरोहित,गोपाल माली, गोविंद माली,कोंग्रेस अध्यक्ष प्रकाश प्रजापति,भाजपा नेता लोकेश खण्डेलवाल, हेमंत पुरोहित,दीपेंद्र सिंह,जबरसिंह चौहान,आयोजक जयंतीलाल माली, कोंग्रेस नेता राकेश पुरोहित, पार्षद कांतिलाल खत्री,अनिल सगरवंशी समेत सेकड़ो गणमान्य जन भजनों में थिरके।।
आयोजक अजय भट्ट, प्रशांत,बबलू सहित गो सेवा संकल्प टीम और नगरवासियों ने भी भक्ति संध्या में गोते लगाए। आयोजन में देर रात्रि विधायक लोढा के जाने के बाद लोकप्रिय भजन गायक प्रकाश माली ने आराध्या प्रभु श्री राम की चौपाई मंगल भवन अमंगल हारी के साथ अपना आगाज किया। उन्होंने लोकप्रिय गीत जो राम को लाए हैं हम उनको लाएंगे गाते हुए बीच में विधायक लोढा को इंगित करते हुए कहा कि भगवान को गालियां बोलकर बाद में चंदा देने वालो का देश में चलन हो गया, ऐसे लोगो का चंदा समाज स्वीकार नहीं करता, कहा कि समाज के साथ जो भावों से जुड़ जाए वो ही राम भक्त है।
जिसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद भजन कलाकार की जम कर किरकिरी हुई।। कोंग्रेस पार्षद सुधांशु गौड़ व कांति लाल खत्री ने तीव्र प्रतिक्रिया करते हुए कहा की वीर भँवर सिंह राठौड़ के आयोजन पर विधायक जी आमंत्रण में गए थे एक धार्मिक कलाकार को दिमाग मे राजनीतिक कीड़े नही रखने चाहिए। इससे आयोजन की पवित्रता को ठेस लगता है व जनता व्यवसाईक भजन कलाकरो के महत्व को समझती है। किसी को भी धार्मिक आयोजनों में राजनीति नही करनी चाहिए।।
भजन कलाकार प्रकाश माली ने एक से बढ़कर एक भजनों के साथ समा बांधकर पाबूजी राठौड़ की गाथा, महाराणा प्रताप की रचना हल्दीघाटी में समर लड्यो, शहीद सैनिकों को याद करते हुए देशभक्ति गीत की प्रस्तुतियां दी।गुजराती भजन एवं लोक गायिका फरीदा मीर ने बाबा रामदेव की स्तुति सहित नगर में जोगी आया, मीरा प्रेम दीवानी सहित राजस्थानी शान पगड़ी का बखान कर गीत ए आठिया री पांग जेडी मूछों वागडी और खब्बे सिरोही तलवार सुनाकर भरपूर दाद बटोरी।गुजरात की उभरती लोकप्रिय भजन गायिका किंजल दवे ने राजस्थानी भाषा में भजन वारी जाऊं रे बलिहारी जाऊं रे वीर भंवरसिंह आंगन आया, थाने थाने कटे भालवा जाऊ रे सांवरिया घट माए समेत सुप्रसिद्ध गीत मेरे भारत का बच्चा-बच्चा जय जय श्री राम बोलेगा आदि सुनाकर वाहवाही लूटी।गायिका आशा वैष्णव के भजन देवलिए रम जाए भवानी मंदिरिए रम जाए पर नृत्य कलाकार ने भाव नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। वैष्णव ने थारे देवलिए में बाजा रे बाजे, जगमग ज्योत सुनाकर वीर राठौड़ को श्रद्धा पुष्प चढ़ाएं।आयोजन के द्वारा दौरान दोनों प्रदेशों के कलाकारों का जमघट लगा जहां बैंजो का कर्णप्रिय संगीत व ढोल पर कलाकार चांद मीर और तबले व डमरु की ताल पर सागर मीर ने समा बांध दिया। भजनों के बीच श्रोताओं ने नोट की गड्डीया व पुष्प बरसाकर कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।