माता अपने बच्चो के सर्वांगीण विकास पर ध्यान दे:-सुनीता जैन।

मातृ शक्ति सम्मेलन 2022 सम्पन्न ।

सिरोही, राजस्थान/(हरीश दवे) ;

विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान से सम्बद्ध एवं आदर्श शिक्षा समिति सिरोही जिला द्वारा संचालित श्रीमती सुशीलादेवी प्रकाशराज जी मोदी बालिका आदर्श विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक , सिरोही का मातृ सम्मेलन कार्यक्रम सम्पन्न हुआ । विद्या मंदिर के प्रचार – प्रसार प्रमुख दलपतजी ने बताया कि कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती डॉ सुनिता जैन निर्देशक विश्वकर्मा कौशल केन्द्र बरलूट अध्यक्षा श्रीमती चित्रलेखा जोशी राष्ट्र सेविका समिति सिरोही जिला कार्यवाहिका , पावन सन्त सानिध्य पागल बाबा प्रचार मंत्री आबूराज संत सेवा मण्डल सिरोही एवं मुख्य वक्ता श्रीमान दुर्गसिंह राजपुरोहित अखिल भारतीय संस्कृति बोध परियोजना प्रमुख के आतिथ्य में कार्यक्रम सम्पन्न हुआ । कार्यक्रम की शुरुआत में सर्वप्रथम मॉ सरस्वती,माँ भारती, ओम चित्र के समक्ष अतिथियो के द्वारा दीपप्रज्ज्वलन हुआ ।

विद्या मंदिर प्रधानाचार्य मधुसूदन त्रिवेदी ने मंचस्थ अतिथियों का स्वागत एवं परिचय कार्यक्रम करवाया । कार्यक्रम में बहिनों ने ओजस्वी कविता से श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया । कार्यक्रम में मातृ पूजन किया गया । जिसमे तू कितनी अच्छी है मां गीत पर बहिनों ने उपस्थित माताओं का दीपो द्वारा पूजन किया । उद्बोधन में बहिनों द्वार माँ मुझे आंचल में छुपा ले के पश्चात् कार्यक्रम की मुख्यअतिथि डॉ सुनीता जैन ने अपने उद्बोधन में कहा कि माताओं को बच्चों का सर्वागींण विकास करना चाहिए ।

कार्यक्रम की अध्यक्षा श्रीमती चित्रलेखा जोशी ने उपस्थित माताओं को ओजस्वी उद्बोधन में कहा कि आज की नारी अबला नहीं सबला है नारी को आत्म निर्भर होते होते हुए अपनी जिम्मेदारी को निर्वहन करना है । जीवन में आने वाले चुनौतियों का डटकर मुकाबला करें । कार्यक्रम की अगली कड़ी में पावन संत पागलबाबा ने अपने उद्बोधन में कहा कि मां बच्चों की प्रथम गुरू होती है । वक्ता दूर्गसिंह राजपुरोहित अपने उद्बोधन में कहा कि विद्या भारती हिन्दुत्वनिष्ठ एवं राष्ट्रभक्ति से ओत – प्रोत युवा पीढ़ी का निर्माण कर रही हैं । हिन्दुतत्व जीवन जीने की कला का नाम है । उन्होने कहा कि हमारे देश में पराई नारी को मॉ के सम्मान माना जाता है । दूसरों का धन मिट्टी के ढेले के समान मानागया है । आज के समय में राम जैसा आज्ञाकारी पुत्र , श्रवण कुमार जैसा मातृपितृ भक्त , शिवाजी जैसा शुरवीर तैयार करना है , तो स्वयं को कौशल्या जीजाबाई मदलसा जैसा बनाना होगा । प्रबन्ध समिति के व्यवस्थापक नरेन्द्रपाल सिंह ने माताओं बहिनों का आभार प्रकट किया । कल्याण मंत्र के साथ ही कार्यक्रम समापन हुगा ।

इस अवसर पर स्थानीय प्रबन्ध समिति अध्यक्षा श्रीमती गीता मिस्त्री , पवनजी आर्य , पेवेलियन विद्यालय के अध्यक्ष ओमकार सिंहजी उदावत , धिरेन्द्र जी , दीदी भावना सुथार , कविता , आशा,भावना , वीणा शारदा , सन्तोष , प्रवीणा, प्रमीला, प्रियंका, झनकार, श्यामा , दीपिका, रीतु जी, दशरथ , सोनिया , नीतु , गुजन , विशाखा, वैशाली, निकिता आदि समस्त आचार्या वृन्द उपस्थिति रहें । कार्यक्रम में 300 से अधिक माता – बहिनें उपस्थित हुई । कार्यक्रम का मंच संचालन श्रीमती नीतू रावल के द्वारा किया गया ।

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