सिरोही, राजस्थान/ (हरीश दवे) ,

लाल वेरा सनातन धर्म की संपत्ति को हड़पने वालो के खिलाफ सनातन धर्मी हुए लामबंद,

लाल वेरा प्रांगण में कमल कांत देवड़ा की सम्पनता हुई बैठक,

जिला न्यायालय में मीडियेटर के समझौते के बावजूद सम्पत्ति विवाद कर कोर्ट मध्यस्थता निर्णय पर नही हुआ अमल,

सनातन धर्मी लेंगे न्यायालय की शरण,

लाल वेरा विकास समिति व लाल वेरा सनातन धर्मावलम्बियों की आवश्यक बेठक कमल कांत देवड़ा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।जिसमें उपस्थित जनो ने सर्वसम्मति से सनातन धर्म की तदर्थ समिति भँवर लाल सगरवंशी को अध्यक्ष बनाया व कैलाश सुथार, हरीश दवे, प्रदीप खत्री, नरेंद्र खत्री, प्रदीप दवे, अमृत माली, नीरज, हरिव्यासी, मुकेश भील, मुकेश प्रजापत, नवीन देवासी, जगदीश माली, नवाराम भील, रमेश रावल,शैलेश शर्मा, डूंगरमल गुप्ता, दिनेश प्रजापत, भरत कुमार सभी सदस्यों ने लाल वेरा की स्तिथि पर अपने विचार रखे।       अध्यक्ष कमल कांत देवड़ा ने लाल वेरा के इतिहास इसके निर्माण, लाल वेरा विकास समिति के गठन ओर सनातन धर्मियो को भूमि को बचाने को लेकर नटवर लाल पुरोहित, रमेश रावल, प्रताप जी, लुहार, विष्णु जी कुम्हार, नथमल जी रावल, शंकर राजाजी, रावताजी देवासी, नीरज हरिव्यासी, हरीश दवे इत्यादि ने मुहिम छेड़ी ओर हिन्दू श्मशान सभा व सनातन धर्म लाल वेरा समिति के मध्य सीजीएम कोर्ट, जिला न्ययालय में अपील के बाद मध्यस्थता हुई जिसमें अपिलान्ट कैलाश सुथार ने रेस्पॉडेन्ट करण सिंह अपील संख्या 03/2015 मिडिएशन दिनांक 2 दिसम्बर 2015 को  विद्वान अधिवक्ता मीडियेटर हिम्मतमल टेलर के जरिये सत्र न्यायालय में समझौता प्रस्तुत हुआ लेकिन उस पर अमल आज तक नही हुआ व कैलाश सुथार ने रजिस्टर्ड नोटिस भी दिया व मेरे साथ अनेक बार मौखिक निवेदन कर न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप सनातन धर्म के सभी समाज से दो दो व्यक्ति मुकर्रर कर नई कमेटी भी नही बनाई जबकि न्यायालय ने सनातन धर्म लाल वेरा विकास समिति व हिन्दू श्मशान सभा दोनो विलय कर नवीन कार्य कारिणी गठित कर संस्था की करवाई को मान्य व प्रभावी रखा था।श्री देवड़ा ने स्वास्थ्य कारणों से अब इस सनातन धर्म की संपत्ति को बचाने व सरंक्षण में सभी समाज बन्धुओ को आगे आने की बात कही व करण सिंह राठौड़ से भी मोबाइल से इस विषय मे बातचीत की।        

         

बेठक में सभी जनो ने उनके त्यागपत्र को अस्वीकार किया व स्वास्थ्य कारणों को ध्यान में रखते हुए इस सनातन मूवमेंट में भवर लाल सगरवंशी को कार्य वाहक अध्यक्ष की जिम्मेदारी सोपी जो तदर्थ कमेटी गठित कर विधिक परामर्श व सभी समाज से प्रतिनिधित्व व सभी पक्षो से संवाद व संवाद से हल न होने पर न्यायालय से समाधान की राह में आगे बढ़ेगी।इसका सर्वसम्मत प्रस्ताव लिया।बेठक में किरायेदारों व कोर्ट के निर्देशों के विपरीत कमलकांत जी व सनातन धर्म कमेटी की जानकारी के बगैर लाल वेरा की जमीन को किराए व अन्य उपयोग में दिये जाने पर अनेक जनो ने एतराज जताया।जिस पर भँवर लाल सगरवंशी,नीरज हरिव्यासी,कैलाश सुथार ने किस बाबत विधिक परामर्श व सभी सनातन समाज के सर्व सम्मत फैसले व जिला सत्र न्यायालय में पूर्व में हुए फेसलो को नजर अंदाज करने के खिलाफ कारवाई पर बल दिया।बैठक में अध्यक्ष भंवरलाल सगरवंशी ने सभी जनों को नये दायित्व के लिए आभार जताया और कहा कि हम सब मिल जुलकर सभी पक्षों से बात कर स्नातन धर्म लालवेरा की सम्पत्ति के विवादों का हल कर विकास की ओर बढेंगे।हरीश दवे ने कहा कि अल्प सूचना पर आप सभी धर्मरक्षार्थ आये हैं देवनगरी में सनानत धर्म के हर आयोजन को हम मिल जुलकर मनाते आये हैं और मनाते रहेंगे। लेकिन स्नानत धर्म की सम्पत्तियों पर आधिपत्य व वर्चस्व के लिए अनाधिकृत चेष्टा को भी स्नातन धर्मावलम्बी स्वीकार नहीं करेंगे और सनातन धर्म के सत्य धर्म सिद्धान्तो पर अमल करते हुए सौहार्द्धपूर्ण वातावरण में हर स्नातन समस्या का सनातन समाधान करेंगे ।

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